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Temple Flowers Reuse Ideas: मंदिर में चढ़े फूल-माला फेंकने की न करें भूल, इन 7 आसान तरीकों से करें रीयूज, घर की बढ़ेगी खूबसूरती

घर के मंदिर में फूल-माला लोग चढ़ाने के बाद कूड़े में ही डाल देेते है या फिर किसी पेड़ के नीचे घर आते हैं. इससे गंदगी बढ़ती है, जबकि यह आपके काफी काम आ सकते हैं, जैसे आप इनसे घर में इस्तेमाल होने वाली पूजा सामग्री बना सकते हैं या फिर आपके घर और गार्डन में भी यह कई तरीके से काम आ सकते हैं. आइए आपको इनके रीयूज के तरीके बताते हैं.

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सूखे फूलों का कई चीजों में इस्तेमाल होता है. (PHOTO:AI)
सूखे फूलों का कई चीजों में इस्तेमाल होता है. (PHOTO:AI)

Temple Flowers Reuse Ideas: भारतीय घरों में सुबह की शुरुआत ही मंदिर में पूजा-पाठ से ही होती है, घर के मंदिर में लोग फूल-माला भगवान को चढ़ाते हैं. रोजाना घर के मंदिर से पुरानी फूल माला निकालकर लोग नदी में प्रवाहित करते हैं या फिर किसी पेड़ के नीचे रख देते हैं. इस तरह नदी में कूड़ा-कचरा बढ़ता है और पेड़ के आसपास भी कूड़ा जमा हो जाता है.

जबकि आप घर के मंदिर में इस्तेमाल करने के बाद फूल-पत्ती को संभालकर एक पॉलीबैग में जमा कर सकते हैं, क्योंकि जिसे आप कचरा समझकर फेंक देते हैं वो आपके घर के कई काम में आपके लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है. इन्हें फेंकने की बजाय कई आसान तरीकों से दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पूजा सामग्री का बेहतर यूज भी होगा और घर में निकलने वाला कचरा भी कम होगा.

आइए आपको इनको दोबारा इस्तेमाल करने के कुछ आसान तरीके बताते हैं. 

फूलों से बनाएं नेचुरल कंपोस्ट

अगर आपके घर में छोटा किचन गार्डन या गमले हैं, तो यह फूल-पत्तियां आपके बड़े काम आ सकती हैं. गमलों के लिए बाजार से खरीदकर लोग खाद लाते हैं, लेकिन अब घर पर ही मंदिर के फूलों से नेचुरल कंपोस्ट तैयार कर सकते हैं. फूलों से प्लास्टिक, धागे और अन्य गैर-जैविक चीजें अलग कर लें. इसके बाद इन्हें कंपोस्ट में डालें. सड़े या फफूंद लगे फूलों को सीधे पौधों पर न डालें.

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सूखे फूलों से करें डेकोरेशन 

गुलाब, गेंदे और दूसरे फूलों को अच्छी तरह सुखाकर घर की डेकोरेशन में इस्तेमाल किया जा सकता है. सूखे फूलों से आप चाहे तो छोटी पोटली, फूलों की माला या पूजा की डेकोरेशन तैयार कर सकते हैं. इन्हें फ्रेम या ट्रे की सजावट में भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो देखने में भी सुंदर लगते हैं और उनको बनाना भी कोई मेहनत नहीं लगती है. 

गार्डन के लिए बनाएं फ्लावर मल्च

पूरी तरह नेचुरल और बिना केमिकल वाले फूलों को छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी की ऊपरी लेयर पर सीमित मात्रा में डाल सकते हैं. यह जैविक पदार्थ के तौर पर धीरे-धीरे मिट्टी में मिल सकता है. हालांकि, फूलों को मोटी परत में जमा न करें और फफूंद लगे फूल इस्तेमाल न करें.

घर के लिए नेचुरल 'पॉटपूरी' 

गुलाब, गेंदा और मोगरे की पंखुड़ियों में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर और अपनी पसंद का एसेंशियल ऑयल मिलाएं. इसे एक कांच के बाउल में रखकर ड्राइंग रूम में रख दें, यह नेचुरल पॉटपूरी पूरे घर को बेहद महकाता है, जो घर के माहौल को अच्छा बना देता है.

फूलों से बनाएं नेचुरल कलर

जन्माष्टमी और दीपावली के मौके पर लोग घरों में रंगोली बनाते हैं और उनके लिए बाजार से केमिकल वाले कलर्स भी लाते हैं. लेकिन आप चाहे तो गेंदे, गुलाब और गुड़हल जैसे फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार कर सकते हैं. इसके लिए फूलों की पंखुड़ियों को पानी में उबालकर छान लें. रंगोली के अलावा इस कलर्स का इस्तेमाल DIY क्राफ्ट, पेपर आर्ट या सजावट में किया जा सकता है.

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पूजा की सूखी सामग्री से बनाएं सजावटी पोटली

फूलों को अच्छी तरह सुखाकर कपड़े की छोटी पोटली में भर सकते हैं, इसमें अपनी पसंद के सूखे फूल या खुशबू वाले प्राकृतिक सामग्री मिलाकर इसे अलमारी या कमरे की सजावट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. ध्यान रखें कि फूल पूरी तरह सूखे हों, वरना नमी से फफूंद लग सकती है. इनको आप अलमारी के अंदर भी रख सकते हैं, इससे अलमारी में दीमक लगने की समस्या कम होती है.

फूल-माला से बनाएं हवन सामग्री

मंदिर में इस्तेमाल के बाद इन फूल मालाओ से आप हवन सामग्री बना सकते हैं, जिसके लिए सबसे पहले आपको सभी मालाओं को धूप में सुखाना होगा. जब वो ड्राई हो जाएं तो उनको पीस दें और फिर एक बड़े बर्तन में पीसे हुए फूलों का पाउडर लें. इसमें बराबर मात्रा में काले तिल, जौ और थोड़े से चावल मिलाएं. अब इस मिक्सर में पिसा हुआ कपूर, गूगल, लोबान और थोड़ा सा चंदन पाउडर डालकर मिला दें. इस तरह घर पर ही आपकी हवन सामग्री तैयार हो जाएगी.

फूल-बाती को अलग करके करें इस्तेमाल

पूजा के बाद बची फूल-बाती में अगर तेल या घी लगा हुआ है, तो उसे सामान्य कचरे के साथ फेंकने की बजाय अलग रखें. इस्तेमाल से पहले सुनिश्चित करें कि उसमें कोई प्लास्टिक, सिंथेटिक धागा या अन्य गैर-जैविक सामग्री न मिली हो. 

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इन बातों को जरूर रखें ध्यान

  • मंदिर के फूलों को दोबारा इस्तेमाल करने से पहले उनमें लगी प्लास्टिक की सजावट, तार, रिबन, सिंथेटिक धागे और अन्य सामग्री जरूर अलग कर दें.
  • अगर फूलों पर फफूंद लग गई है या वे सड़ने लगे हैं, तो उन्हें घर के अंदर सजावट या किसी पर्सनल इस्तेमाल में न लाएं.
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