आईपीएस अधिकारी अविनाश पांडेय (Avinash Pandey IPS) उत्तर प्रदेश कैडर के 2015 बैच के अधिकारी हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 3 फरवरी 1988 को लखीमपुर खीरी में हुआ और उन्होंने बीएससी की पढ़ाई की है. उन्हें 2015 में भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया था.
अविनाश पांडेय की पहचान सिर्फ एक पुलिस अधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि मुश्किल हालात में मौके पर डटे रहने वाले अफसर के रूप में भी होती है. उनकी बहादुरी से जुड़ी एक घटना 2020 के CAA-NRC विरोध प्रदर्शनों के दौरान मेरठ में सामने आई थी. उस समय वह एसपी रैंक के अधिकारी के तौर पर मेरठ में तैनात थे.
मेरठ में दलित छात्रा मर्डर केस के प्रदर्शन से जुड़े मामले में किसान और सपा नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस हिरासत में गंभीर बर्बरता के आरोप लगाए हैं. भारी विवाद के बाद SSP अविनाश पांडेय को हटाकर लखनऊ पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है.
मेरठ के बहुचर्चित ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर 8 जुलाई को कलेक्ट्रेट पर लाठीचार्ज हुआ था. इस दौरान एसएसपी अविनाश पांडे ने एक वकील को थप्पड़ जड़ दिया था. अब इस मामले में 50 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस याचिका में मानवाधिकार उल्लंघन और अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं.