नोएडा में कैफे का कारोबार बंद होने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक प्रेमी जोड़े समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. थाना सेक्टर-113 पुलिस ने इनके पास से चोरी की ज्वेलरी, 3.5 लाख रुपये नकद, पांच लैपटॉप, दो टैबलेट और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इसके अलावा वारदातों में इस्तेमाल अर्टिगा कार भी जब्त की गई है, जिस पर कथित तौर पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी.
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों की पहचान कैलाश उर्फ दिवाकर, इरफान उर्फ इमरान और सोनाली के तौर पर हुई है. तीनों को सेक्टर-123 स्थित श्मशान घाट के पास से दबोचा गया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी की घटनाओं को लेकर कई अहम जानकारियां दीं. पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड और दूसरे मामलों में संलिप्तता की भी पड़ताल कर रही है.
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एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी अर्टिगा में बैठकर शहर की हाईराइज सोसाइटी और दूसरे इलाकों में मकानों की रेकी करते थे. जिस घर में ताला लगा मिलता, उसे निशाना बनाया जाता था. इसके बाद मौका देखकर वहां से ज्वेलरी, नकदी, लैपटॉप और अन्य महंगा सामान पार कर देते थे. वारदात के बाद चोरी की रकम और सामान को आपस में बांट लिया जाता था.
प्रेमी-प्रेमिका लीड करते थे गैंग
पुलिस जांच में सामने आया कि कैलाश उर्फ दिवाकर और सोनाली प्रेमी-प्रेमिका हैं और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं. पुलिस के अनुसार सोनाली गैंग को लीड करने के साथ रेकी में भी अहम भूमिका निभाती थी. वह इलाकों में मकानों की निगरानी कर ऐसे घरों को चिन्हित करती थी, जहां चोरी करना आसान हो.
इसके बाद दिवाकर और उसका साथी इरफान चोरी को अंजाम देते थे. तीनों की भूमिका पहले से तय रहती थी. पुलिस की मानें तो गिरोह बंद घरों को निशाना बनाकर नकदी और कीमती सामान जुटाता था. चोरी के बाद मिले माल को तीनों अपने बीच बांट लेते थे.
पूछताछ में यह भी पता चला कि दिवाकर और सोनाली ने पहले गाजियाबाद और फिर नोएडा में कैफे चलाया था. कारोबार में लगातार नुकसान होने के बाद दोनों आर्थिक परेशानी में आ गए. इसके बाद उन्होंने कमाई के लिए चोरी का रास्ता अपना लिया और साथी इरफान को भी अपने साथ जोड़ लिया.
दिन में चोरी, रात में बार-रेस्तरां में पार्टी
पुलिस के मुताबिक, इस गैंग का एक अजीब पैटर्न सामने आया है. आरोपी दिन के समय चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और रात होते ही रेस्तरां व बार में जाकर पार्टी करते थे. चोरी से मिली नकदी का इस्तेमाल अपने शौक पूरे करने में किया जाता था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है.
आरोपियों के पास से बरामद सामान में चोरी की ज्वेलरी के अलावा पांच लैपटॉप, दो टैबलेट, छह मोबाइल फोन और 3.5 लाख रुपये नकद शामिल हैं. पुलिस ने चोरी के लिए इस्तेमाल की जा रही अर्टिगा कार भी कब्जे में ले ली है. वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाए जाने की बात भी जांच में सामने आई है.
पुलिस खंगाल रही आपराधिक इतिहास
थाना सेक्टर-113 पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नोएडा के अलावा गाजियाबाद या दूसरे शहरों में भी उन्होंने इसी तरीके से वारदात की थी या नहीं. साथ ही चोरी के माल को कहां और किसे बेचा जाता था, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है.
फिलहाल, तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी की कुछ और घटनाओं का खुलासा हो सकता है. बरामद सामान और कार को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है.