झारखंड के गिरिडीह में राधा स्वामी संगठन की आड़ में चलाए जा रहे करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मामले में चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपियों के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई एक लग्जरी गाड़ी भी जब्त की गई है. जेल भेजे गए आरोपियों में संगठन का प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उसकी पत्नी और जिलाध्यक्ष अनिशा सिन्हा, निगरानी पदाधिकारी जितेंद्र सिंह उर्फ सुबोध सिंह और मुकेश सिन्हा का साला सुमित सिन्हा शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने लोगों को सस्ते दाम पर गाड़ी उपलब्ध कराने समेत कई आकर्षक और कथित फर्जी योजनाओं का लालच दिया. लोगों को इन योजनाओं के जरिए बड़ी रकम जमा करने के लिए तैयार किया जाता था. खास तौर पर 60 से 70 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रलोभन दिया जाता था.
पुलिस का कहना है कि इन योजनाओं के नाम पर हजारों लोगों से रकम जमा कराई गई. देखते ही देखते बड़ी राशि इकट्ठा हो गई. बताया जा रहा है कि पिछले कई महीनों से लाभुकों को उनकी रकम वापस नहीं की जा रही थी. जब लोगों को अपनी जमा रकम वापस नहीं मिली तो मामला गंभीर होता गया. इसके बाद आरोपियों ने अपना कार्यालय बंद कर दिया और फरार हो गए. कार्यालय बंद होने और रकम वापस नहीं मिलने के बाद पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की भूमिका और उनके जरिए कथित तौर पर संचालित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाई. इसी कार्रवाई के बाद पुलिस ने चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
8 से 10 करोड़ की ठगी के पुख्ता साक्ष्य
मामले को लेकर डीएसपी आरके राणा ने प्रेसवार्ता कर जांच से जुड़ी अहम जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अब तक की जांच में पुलिस को 8 से 10 करोड़ रुपये की ठगी के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं. डीएसपी के मुताबिक, ठगी की रकम से खरीदी गई एक लग्जरी गाड़ी भी बरामद की गई है. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया. उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है. ठगी की कुल रकम का आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है. पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है.
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और उनके लेन-देन की जानकारी जुटा रही है. इसके साथ ही संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है. जांच का मकसद ठगी से जुटाई गई रकम और उसके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सामने लाना है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती स्तर से आगे बढ़ रही है और दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की पड़ताल के बाद ठगी की रकम से जुड़ी तस्वीर और साफ हो सकती है.
गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश
पुलिस के अनुसार, मामले में कथित गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के साथ कथित ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. फिलहाल चारों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इनमें राधा स्वामी संगठन का प्रदेश अध्यक्ष, उसकी पत्नी और जिलाध्यक्ष, निगरानी पदाधिकारी और प्रदेश अध्यक्ष का साला शामिल हैं.
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है. साथ ही उन अन्य लोगों की तलाश भी जारी है, जिनकी भूमिका इस मामले में सामने आ सकती है. पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ठगी की कुल रकम और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.