मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो घंटे से ज्यादा समय तक सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने मूल वाद संख्या 1 से लेकर 7 तक के मामलों को सुना. हालांकि, समय की कमी के चलते अन्य अर्जियों पर सुनवाई नहीं हो सकी. अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अवनीश सक्सेना की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई की. श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित मूल वाद संख्या 1/2023 समेत कुल 18 मामलों पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. अक्टूबर 2023 से इन मामलों में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई जारी है.
13.37 एकड़ जमीन मंदिर पक्ष को सौंपने की मांग
इन याचिकाओं में शाही ईदगाह मस्जिद को अतिक्रमण बताते हुए विवादित परिसर की पूरी 13.37 एकड़ जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि को सौंपने की मांग की गई है. इसके अलावा मंदिर के जीर्णोद्धार और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग भी की गई है.
मंदिर पक्ष की ओर से इन मांगों को लेकर कुल 18 मुकदमे दायर किए गए हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट अयोध्या विवाद की तर्ज पर इन मुकदमों की सीधे सुनवाई कर रहा है.
बता दें कि मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में जुलाई में समझौते की कोशिश असफल रही थी. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों को सुलह वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन मुस्लिम पक्ष के मौजूद नहीं होने की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी थी. इसके बाद अदालत ने सुलह प्रक्रिया विफल होने का आदेश पारित कर दिया था.
18 अगस्त को हुई आखिरी बैठक में मुस्लिम पक्ष के शामिल नहीं होने के कारण समझौते की कोशिश विफल हो गई थी. इसके बाद लोक अदालत ने वार्ता को नाकाम मान लिया था. हिंदू पक्ष के वकील महेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए तीन बार बैठकें बुलाई गई. लेकिन 18 अगस्त को मुस्लिम पक्ष की गैरमौजूदगी के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई. समझौता वार्ता से जुड़े मामले पर 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली थी. लेकिन इन तारीखों पर सुनवाई नहीं हो सकी थी.