
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दिन बदायूं में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के स्वागत में निकले लंबे काफिले और उसी दौरान लगे जाम को लेकर सियासत तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि घंटों जाम में फंसने की वजह से वे दूसरी पाली की परीक्षा नहीं दे सके. इस बीच समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए प्रभावित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा का अवसर देने की मांग की है.
प्रशासन के आंकड़े भी दूसरी पाली में अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ने की ओर इशारा करते हैं. प्रशासन के अनुसार, पहली पाली में 5639 में से 4875 अभ्यर्थी उपस्थित और 764 अनुपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में 4455 उपस्थित और 1184 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. यानी दूसरी पाली में पहली पाली की तुलना में 420 अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. हालांकि प्रशासन ने यह नहीं कहा है कि इन अनुपस्थित अभ्यर्थियों की वजह ट्रैफिक जाम ही था.
अभ्यर्थियों ने लगाया जाम में फंसने का आरोप
कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि बरेली-बदायूं मार्ग पर वीआईपी मूवमेंट और भारी जाम के कारण वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. नेहा गुप्ता ने बताया, हम सुबह करीब 10:30 बजे घर से निकले थे, लेकिन बरेली रोड पर नेताओं के काफिले के कारण ऐसा जाम लगा कि कई घंटे बाद भी परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. प्रशासन नेताओं की व्यवस्था में लगा रहा, हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई.

मीनाक्षी भट्ट का कहना है, परीक्षा के दिन यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। नेताओं के दौरों को प्राथमिकता देकर छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया. शिल्पी कुमारी ने कहा, वीआईपी मूवमेंट के कारण जाम लगा और हम समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. प्रशासन का पूरा ध्यान नेताओं को सुविधा देने पर था. हमारी दोबारा परीक्षा कराई जानी चाहिए.
एक अभ्यर्थी ने बताया, समय पर पहुंच गई थी परीक्षा केंद्र
हालांकि सभी अभ्यर्थियों का अनुभव एक जैसा नहीं रहा. बरेली महानगर कॉलोनी निवासी अनु ने बताया कि वह सुबह करीब 10:30 बजे बदायूं के लिए निकली थीं. अनु ने बताया कि रास्ते में ट्रैफिक काफी Slow था और लास्ट में बिनावर के पास जाम मिला, लेकिन करीब 15 मिनट में निकल गया, क्योंकि वहां भाजपा नेता का काफिला किनारे रुका हुआ था और कार्यकर्ता ट्रैफिक सुचारु कराने में लगे थे. अनु ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र दास डिग्री कॉलेज था और वह समय पर परीक्षा देने पहुंच गई थीं.
सांसद आदित्य यादव ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के रोड शो के कारण लगे जाम में फंसकर सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच सके. उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए सरकार से मांग की कि जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा जाम के कारण छूटी है, उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिया जाए. साथ ही भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन ऐसे राजनीतिक कार्यक्रमों की अनुमति न देने की भी मांग की.
जिलाधिकारी बोले, शासन से करेंगे पत्राचार
जिलाधिकारी अविनाश कुमार राय ने बताया कि रूट डायवर्जन के बावजूद भाजपा नेता के काफिले और बारिश के कारण कुछ अभ्यर्थी समय से परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके, जिससे उनकी परीक्षा छूट गई. उन्होंने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा में शामिल कराने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार कर प्रयास किया जाएगा. रोड शो की अनुमति के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी जानकारी में बरेली से बदायूं तक निकले इस रोड शो के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी.
एसएसपी ने बताया, बारिश और ओवरब्रिज मरम्मत भी बनी वजह
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि शहर में एक ओवरब्रिज की मरम्मत के चलते पिछले कई दिनों से यातायात अंडरपास से संचालित किया जा रहा है. गुरुवार को तेज बारिश के कारण अंडरपास में पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ. इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी बारिश की वजह से यातायात धीमा रहा. दोपहर करीब 2.30 बजे भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष का काफिला भी शहर में प्रवेश कर गया, जिससे जाम की स्थिति और बनी. उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार ट्रैफिक सामान्य कराने का प्रयास करती रही.
दुर्विजय सिंह शाक्य ने क्या कहा?
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने कहा कि उन्होंने सुबह 10:40 बजे घर से प्रस्थान किया, तब तक पहली पाली की परीक्षा शुरू हो चुकी थी. उन्होंने बताया कि भमोरा में करीब 30 मिनट और रसूलपुर के पास लगभग 30-40 मिनट तक रुककर ट्रैफिक पास कराया, ताकि परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सके. उनका कहना है कि वे दोपहर दो बजे के बाद बदायूं शहर में प्रवेश किए और पूरे समय इस बात का ध्यान रखा गया कि परीक्षार्थियों को परेशानी न हो. उन्होंने कहा कि बरेली-बदायूं मार्ग पर छह लेन निर्माण कार्य और बारिश के कारण पहले से ट्रैफिक धीमा था, इसलिए जाम के लिए केवल उनके काफिले को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है.
अब बड़ा सवाल
प्रशासन मान रहा है कि कुछ अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच सके. पुलिस का कहना है कि बारिश, मरम्मत कार्य और काफिले, तीनों कारणों से यातायात प्रभावित हुआ. भाजपा का दावा है कि उसने परीक्षार्थियों को प्राथमिकता देने की कोशिश की, जबकि विपक्ष इसे प्रशासनिक विफलता बता रहा है.
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दूसरी पाली में पहली पाली की तुलना में 420 अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित क्यों रहे? क्या इसकी विस्तृत जांच होगी और जिन अभ्यर्थियों का दावा है कि वे जाम के कारण परीक्षा से वंचित रह गए, उन्हें दोबारा परीक्षा का अवसर मिलेगा? यही अब इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है.