उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी के तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर जाकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की. सरकार ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता और पांच हजार सूखे राहत पैकेट देने की घोषणा की है. SDRF और NDRF की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने कुशीनगर जाकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. उन्होंने प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की. सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि आम तौर पर नारायणी नदी में 3-4 लाख क्यूसेक पानी रहता है लेकिन अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पानी आने से तटबंध टूट गया.
मुख्यमंत्री लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं. सोमवार को भी उन्होंने अधिकारियों से पल-पल की अपडेट ली. उन्होंने बाढ़ में किसी भी जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पांच हजार सूखा राहत पैकेट और खाद्य सामग्री भी बांटी गई.
यह भी पढ़ें: सीएम योगी के साथ रिश्तों पर संजीव बालियान बोले- 'कुछ तो मजबूरियां रही होंगी...'
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार चार दिनों की बारिश से राज्य और देश के कई हिस्सों में मुश्किल हालात बने हैं. कई घरों में पानी घुस आया है. राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही है.
पिछले तीन-चार दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी, हालांकि सोमवार को मौसम थोड़ा साफ हुआ लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था. वहीं, आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं, इसलिए राज्य सरकार ने सार्वजनिक सुविधाओं को बहाल करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.
बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांवों में तुरंत साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दिए हैं. जिससे संक्रमित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके.