उत्तर प्रदेश के कौशांबी में गाय चोरी, गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी अवसाब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. मंझनपुर थाना पुलिस, सीआईडब्लू और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे हरियाणा के फरीदाबाद से दबोचा है.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए अवसाब फरीदाबाद में रहकर काम कर रहा था. वह कौशांबी पुलिस की पकड़ से लगातार दूर था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस महानिरीक्षक प्रयागराज परिक्षेत्र की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
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मामला मंझनपुर थाना क्षेत्र के एदिलपुर गांव का है. 24 फरवरी 2026 को गांव निवासी बुदुनलाला ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 22 फरवरी की रात अज्ञात लोग उनकी गाय चोरी कर ले गए. शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की.
गाय चोरी से गैंगस्टर एक्ट तक पहुंचा मामला
विवेचना के दौरान पुलिस को मामले में मोनू, अवसाब और अदीब के नाम सामने आए. जांच आगे बढ़ने पर मुकदमे में गोवध निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गईं. इसके बाद आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया.
इस मामले में आरोपी मोनू को पुलिस 1 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी. वहीं, अवसाब लगातार फरार चल रहा था. उसकी तलाश में मंझनपुर पुलिस के साथ सीआईडब्लू और सर्विलांस टीम भी लगातार जुटी हुई थी.
सीओ सदर सौरभ सावंत ने बताया कि इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अवसाब हरियाणा के फरीदाबाद में रह रहा है और वहीं नौकरी कर रहा है. सूचना मिलते ही टीम हरियाणा पहुंची और आरोपी की तलाश शुरू की.
फरीदाबाद में काम करते हुए पकड़ा गया
पुलिस टीम ने फरीदाबाद के सेक्टर-25 कृष्णा नगर, गली नंबर-1, थाना सेक्टर-58 क्षेत्र में दबिश देकर अवसाब को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी मंझनपुर थाना क्षेत्र की काशीराम कॉलोनी समदा का रहने वाला है.
पुलिस के अनुसार, अवसाब के खिलाफ चोरी, गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं. मंझनपुर थाने में उसके खिलाफ वर्ष 2021 में मारपीट और धमकी से संबंधित केस दर्ज हुआ था. वर्ष 2023 में भी मारपीट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था.
इसके अलावा वर्ष 2024 में अवसाब के खिलाफ हत्या और SC-ST एक्ट से जुड़ा मुकदमा दर्ज हुआ था. वर्ष 2025 में भी उस पर चोरी और गोवध निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया. पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया.