उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने अवध के बड़े पासी नेता और पूर्व सांसद कौशल किशोर की नाराजगी को दूर कर लिया है. पार्टी ने उनके बेटे विकास किशोर को अनुसूचित जाति मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है. इसके बाद कौशल किशोर ने अपने बेटे के साथ तस्वीर पोस्ट करके बधाई दी और बीजेपी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया. पिछले कुछ समय से बीजेपी से असंतुष्ट चल रहे कौशल किशोर ने 'यूपी तक' के पॉडकास्ट में पार्टी से बगावत करने और अपने बेटे के लिए टिकट मांगने की बात कही थी। इस फैसले से उनकी नाराजगी दूर हो गई है.
बगावत के दिए थे संकेत
पॉडकास्ट में कौशल किशोर ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि उन्हें या उनकी पत्नी को टिकट नहीं चाहिए, लेकिन बेटे के लिए टिकट की मांग की थी. उन्होंने चेतावनी दी थी कि टिकट न मिलने पर वह अपने लिए बीजेपी के दरवाजे बंद मानेंगे और अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे.
सपा और कांग्रेस में जाने के लग रहे थे कयास
पिछले कुछ समय से कौशल किशोर के सपा या कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं गर्म थीं. कुछ महीने पहले मलिहाबाद से विधायक उनकी पत्नी ने मंदिर में भेदभाव की शिकायत भी की थी. इसके बाद से ही बीजेपी के भीतर उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं.
अवध के बड़े पासी चेहरे को नहीं खोना चाहती बीजेपी
कौशल किशोर अवध क्षेत्र में पासी समाज के बड़े और जमीनी नेता माने जाते हैं. हालांकि वह पिछला चुनाव हार गए थे, लेकिन बीजेपी इतने बड़े चेहरे को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकती थी. नितिन नवीन की नाराज नेताओं को मनाने की मुहिम यहां रंग लाती दिख रही है.
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बेटे की जिम्मेदारी के बाद बदला रुख
विकास किशोर को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद कौशल किशोर का रुख बदल गया है. वह अब सोशल मीडिया पर बीजेपी के पक्ष में लगातार ट्वीट करते नजर आ रहे हैं और पार्टी के कई बड़े नेता भी उनके संपर्क में बने हुए हैं.