कानपुर के सचेंडी में करीब एक साल पहले हुई महिला की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है. पुलिस के मुताबिक, सीमा की मौत को सड़क हादसा बताकर उसका भाई श्यामजी पाल करीब एक साल तक पुलिस को गुमराह करता रहा. जांच में जिस मिनी ट्रक की टक्कर से मौत होने की बात कही गई थी, उसकी लोकेशन घटना के वक्त फतेहपुर में मिली. पोस्टमार्टम, CCTV और मोबाइल चैट की जांच के बाद पुलिस का शक भाई पर गया. पुलिस के मुताबिक, करीब एक बीघा जमीन के विवाद में बहन की हत्या की गई और फिर हादसे की झूठी कहानी गढ़ी गई.
यह घटना 14 अगस्त 2025 को किसी जमीन विवाद को लेकर हुआ था. मृत युवती को उसके पिता ने बंटवारे के समय जमीन दी थी. लेकिन जब भाई ने इस पर नाराजगी जताई और हिस्सा वापस देने को कहा तो सीमा ने इनकार कर दिया था. पुलिस ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को श्यामजी पाल ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी बहन सीमा की मिनी ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया और मिनी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.
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जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीमा के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले, जिसके बाद पुलिस को हादसे की कहानी पर शक हुआ. पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की और घटना में बताए गए मिनी ट्रक की लोकेशन समेत अन्य जानकारियां को जुटाकर जांच शुरू कर दी. जांच में सामने आया कि जिस मिनी ट्रक से टक्कर लगने का दावा किया गया था, वह घटना के समय फतेहपुर में मौजूद था. जिसके बाद पुलिस को शक हुआ.
एक बीघा जमीन बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, पिता की मौत के बाद परिवार की करीब चार बीघा जमीन का बंटवारा हुआ था. इसमें सीमा के हिस्से में भी जमीन आई थी. करीब एक बीघा जमीन को लेकर उसका भाई श्यामजी से विवाद चल रहा था. सीमा जमीन देने के लिए तैयार नहीं थी, इसी को लेकर दोनों भाई-बहन के बीच झगड़ा हुआ था. पुलिस का कहना है कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी.

घटना वाले दिन सीमा किसी काम से घर से निकली थी. इसी दौरान श्यामजी ने उसे रास्ते में रोक लिया. दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और देखते-देखते भाई श्यामजी ने सीमा पर हमला कर दिया. जमीन पर गिरने के बाद भी उसने डंडे से वार किए, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. हत्या को छिपाने के लिए आरोपी ने मिनी ट्रक से टक्कर लगने की झूठी कहानी बनाकर केस दर्ज करा दिया.
पूछताछ के बाद भी भाई बदलता रहा बयान
पुलिस ने श्यामजी से कई बार पूछताछ की. करीब आठ बार बुलाए जाने के बाद भी वह हर बार अलग-अलग जानकारी देकर पुलिस को गुमराह करता रहा. लेकिन जांच के दौरान पुलिस को सीमा के मोबाइल से भी अहम सुराग मिले. घटना से एक दिन पहले सीमा ने अपने भाई श्याम को वॉट्सएप मैसेज कर जान का खतरा होने की बात कही थी. इसके अलावा पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल चैट, सीसीटीवी फुटेज और वाहन की जांच के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया. पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को श्यामजी को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया, जहां उसने बहन की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. करीब एक साल पुराना ये मामला सड़क हादसे के रूप में दर्ज हुआ था. अब हत्या के केस में तब्दील हो चुका है.