
वाराणसी के रोहनिया इलाके में 20 अगस्त को 22 वर्षीय एमएससी छात्रा श्रेया उर्फ मोनू का खून से लथपथ शव एक किराये के कमरे के बाथरूम में मिला. छात्रा 18 अगस्त से घर से लापता थी, जिसकी गुमशुदगी राजातालाब थाने में दर्ज थी. दूर के रिश्तेदार आरोपी विवेक चौबे ने 7 बीघा जमीन की प्रॉपर्टी के लालच और शादी तय होने की रंजिश में छात्रा का अपहरण कर गले पर धारदार हथियार से वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी. फिलहाल पुलिस मकान मालिक और आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर चार टीमों के जरिए फरार मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है.
7 बीघा जमीन और प्रॉपर्टी का लालच
मामले की मुख्य वजहों पर गौर करें तो परिजनों ने बड़ा खुलासा किया है. श्रेया अपने घर में इकलौती बेटी थी, जिसके नाम आगे चलकर सात बीघा जमीन आने वाली थी. परिजनों का आरोप है कि आरोपी विवेक चौबे की नजर इसी कीमती प्रॉपर्टी पर थी. वह जानता था कि श्रेया से शादी होने पर सारी जमीन उसकी हो जाएगी. इसी वजह से वह उस पर शादी का दबाव बना रहा था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा था.

शादी तय होने से नाराज था आरोपी
श्रेया का रिश्ता मिर्जापुर में तय हो गया था, जहां 22 नवंबर को रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होना निश्चित हुआ था. अपनी मंशा पूरी न होते देख आरोपी विवेक चौबे बेहद नाराज हो गया था. परिजनों के मुताबिक 18 अगस्त को कॉलेज जाते समय आरोपी ने रास्ते से श्रेया का अपहरण कर लिया और बच्चांव स्थित कमरे में ले जाकर उसकी हत्या कर दी.
कमरे में ताला लगाकर ननिहाल भागा आरोपी
हत्या के बाद आरोपी कमरे पर ताला लगाकर अपने ननिहाल भुवालपुर (मिर्जापुर) भाग गया था. वहां वह बाइक, बैग और चाबी छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने चाबी की मदद से दरवाजा खोला तो बाथरूम से दो दिन पुराना शव मिला. डीसीपी गोमती जोन नीतू कात्यायन के अनुसार आरोपी की तलाश में चार टीमें लगाई गई हैं. फिलहाल मकान मालिक विवेक द्विवेदी और आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.