कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कार्यकर्ता के घर पर पथराव के दावे के बाद गाजियाबाद में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र के विक्रम एंक्लेव स्थित सोसायटी में कार्यकर्ता के घर पर शनिवार रात पथराव किए जाने का दावा किया गया. कार्यकर्ता ने रात करीब 10:48 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो जारी कर कुछ लोगों द्वारा घर को घेरने और पत्थर-ईंट फेंके जाने का आरोप लगाया. हालांकि, पुलिस की जांच में अभी तक पथराव की घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
इस बीच सोसायटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, स्थानीय पार्षद और आसपास रहने वाले कई लोगों के बयान सामने आए हैं. इन लोगों ने CJP कार्यकर्ता के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सोसायटी में किसी मकान पर पथराव होता तो आसपास रहने वाले लोगों को इसकी जानकारी जरूर होती. उनका कहना है कि सोसायटी का माहौल सामान्य और सुरक्षित है तथा रात में भी लोग 11 से 12 बजे तक अपने घरों से बाहर घूमते और खाना खाने के बाद टहलते रहते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, ऐसी स्थिति में पथराव जैसी घटना का बिना किसी को जानकारी हुए हो जाना उन्हें असामान्य लगता है.
सोसायटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय लोगों ने स्थिति स्पष्ट की है. यहां इलाके के रहने वाले लोगों का कहना है कि सोसायटी के मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहता है और बाहर से आने वाले लोगों की रजिस्टर में एंट्री की जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना प्रवेश दर्ज कराए किसी बाहरी व्यक्ति का सोसायटी में खासतौर पर रात के समय आना आसान नहीं है. ऐसे में वे पथराव के आरोप को लेकर पुलिस की जांच के नतीजे का इंतजार करने की बात कह रहे हैं.
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पथराव के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस द्वारा घटनास्थल और आसपास के हालात की जानकारी जुटाई जा रही है और पुलिस जांच अभी जारी है. स्थानीय लोगों के अनुसार CJP कार्यकर्ता करीब 20 दिन पहले ही इस सोसायटी में रहने आई हैं. इससे पहले उनका परिवार किसी अन्य स्थान पर रहता था. पड़ोसियों का कहना है कि CJP कार्यकर्ता के यहां रहने की जानकारी भी कई लोगों को उस समय हुई, जब एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कई वाहनों का काफिला उनके घर पहुंचा. इसके बाद लोगों में उत्सुकता हुई और उन्हें पता चला कि निशु आजाद सोसायटी में रह रही हैं.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में CJP कार्यकर्ता से जुड़े मामले को लेकर मीडिया और राजनीतिक लोगों की आवाजाही बढ़ी है. उनका कहना है कि इससे पहले इलाका अपेक्षाकृत शांत था और अब बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय लोगों को असहजता महसूस हो रही है. कुछ लोगों ने CJP कार्यकर्ता और उनके परिवार से मकान खाली कर किसी अन्य स्थान पर रहने की मांग भी की है.
CJP कार्यकर्ता के पूर्व में देवी-देवताओं और प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए बयानों को लेकर भी कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर की. उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से दिए गए ऐसे बयानों का असर उनके आसपास रहने वाले परिवारों पर भी पड़ सकता है. कुछ लोगों ने बच्चों के भविष्य और सोसायटी के माहौल को लेकर चिंता जताई.
एक पड़ोसी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, “जो भगवान को भी नहीं छोड़ सकता, वह हम जैसे लोगों को कैसे छोड़ेगा?” वहीं कुछ अन्य लोगों ने कहा कि उन्हें इस बात की भी चिंता है कि कहीं भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में उन पर भी कोई आरोप न लगा दिया जाए.
हालांकि, स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों और आशंकाओं की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. कुछ लोगों ने CJP कार्यकर्ता द्वारा पथराव के आरोप लगाए जाने के पीछे सोशल मीडिया पर चर्चा में आने या किसी अन्य कारण की संभावना जताई.
आपको बता दें कि CJP कार्यकर्ता इससे पहले जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान भी सुर्खियों में आई थीं. उन्होंने अपने पिता संजय आजाद के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की गुहार लगाई थी. इसके बाद मामला राजनीतिक और सोशल मीडिया स्तर पर चर्चा में आया. इस प्रकरण में आरोपी कंटेंट क्रिएटर स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है.
अब गाजियाबाद में CJP कार्यकर्ता के घर पर कथित पथराव के दावे ने विवाद को एक बार फिर तूल दे दिया है. एक ओर CJP कार्यकर्ता और उनका पक्ष वीडियो जारी कर परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोसायटी के कुछ निवासी घटना से ही इनकार कर रहे हैं और निशु के यहां रहने से उत्पन्न हो रही कथित असहजता का मुद्दा उठा रहे हैं.