
Uttar Pradesh News: अलीगढ़ में लूट की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसमें खौफ, बेबसी और हैरान करने वाला घटनाक्रम- तीनों शामिल हैं. एक साल के बुखार से तपते बच्चे को दवा दिलाने जा रहे पति-पत्नी को रास्ते में एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने घेर लिया. आरोप है कि बदमाशों ने महिला के जेवर और पति से चार हजार रुपये लूट लिए. मां का दावा है कि बदमाशों ने यहां तक धमकी दी कि 'सामान दे दो, वरना बच्चे को छीनकर नहर में फेंक देंगे' लेकिन जब उन्हें पता चला कि मासूम की तबीयत बेहद खराब है तो जाते-जाते मोबाइल, बाइक की चाबी और 200 रुपये रास्ते में फेंक गए.
पीड़ित गौरव अलीगढ़ के देवसैनी गांव का रहने वाला है. गौरव और उसकी पत्नी वर्षा के मुताबिक, घटना 4 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे हुई. दोनों अपने एक साल के बेटे को दवा दिलाने जलाली जा रहे थे. बच्चे को कई दिनों से बुखार था. गौरव का कहना है कि माछुआ पुल से शेखा की तरफ जाते वक्त एक बाइक पर सवार तीन युवक सामने से आए. कुछ दूर निकलने के बाद वे वापस लौटे और बाइक आगे लगाकर परिवार का रास्ता रोक लिया. तीन लोग एक ही बाइक पर थे. वापस आकर उन्होंने हमारी गाड़ी के आगे बाइक लगा दी और तमंचे के बल पर लूटपाट कर ली.
इसके बाद जो हुआ, उसे लेकर गौरव की पत्नी वर्षा ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. वर्षा के मुताबिक, बदमाशों ने उसके कानों से कुंडल और बाली खींच ली, चांदी की पायल और अंगूठी भी ले ली. वहीं गौरव का कहना है कि बदमाशों ने उससे चार हजार रुपये छीन लिए और मोटरसाइकिल की चाबी तथा मोबाइल भी ले लिया. वर्षा ने बताया बदमाशों के पास तमंचा था और लूट के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. इतना ही नहीं, मासूम बच्चे को लेकर भी खौफनाक धमकी देने का आरोप है. बदमाश कह रहे थे कि आसानी से दे दो, नहीं तो तीनों की मौत यहीं हो जाएगी. बच्चा छीनकर नहर में फेंक देंगे.
लेकिन इसी खौफनाक वारदात के बीच घटनाक्रम ने हैरान करने वाला मोड़ लिया. गौरव और वर्षा ने बदमाशों से गुहार लगाई कि उनका एक साल का बच्चा बीमार है और वे उसे दवा दिलाने जा रहे हैं. गौरव के मुताबिक, यह सुनकर बदमाशों में से एक ने अपने साथियों से कहा- “छोड़-छोड़, तबीयत खराब है, इसे 200 रुपये दे दे।.” इसके बाद बदमाश जेवर और बाकी नकदी लेकर निकल गए, लेकिन करीब सौ कदम आगे मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल की चाबी और 200 रुपये फेंक गए.

पीड़ित गौरव के अनुसार, जब उसने कहा गाड़ी की चाबी तो दे जा, मेरे बच्चे की तबीयत बहुत खराब है. उनमें से एक बदमाश बोला-'छोड़-छोड़, तबीयत खराब है, इसे 200 रुपये दे दे. आगे फोन, चाबी और 200 रुपये फेंककर चले गए.'
मोबाइल और चाबी मिलने के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी. गौरव के मुताबिक, उसी दिन एफआईआर दर्ज कराई गई और मौके पर पुलिस अधिकारी तथा क्राइम ब्रांच की टीम भी पहुंची. परिवार का कहना है कि चार दिन गुजरने के बाद भी उन्हें किसी आरोपी के पकड़े जाने की जानकारी नहीं है.