उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को एक पत्र भेजा है. यह पत्र 2013 बैच की महिला आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा 30 अगस्त को सोशल मीडिया पर लगभग 13 वर्ष की सेवा के बाद अपने त्यागपत्र को सार्वजनिक करने के संबंध में लिखा गया है. इस घटना के माध्यम से प्रदेश में सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान और स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा करने का आग्रह किया गया है ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे.
अधिकारियों के इस्तीफे पर चिंता
पत्र में उल्लेख किया गया कि आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से शिक्षा प्राप्त कर विदेश की नौकरी छोड़कर देश सेवा चुनने वाली दिव्या मित्तल को फील्ड से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव बनाया गया था. वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 13 आईएएस अधिकारियों द्वारा इस्तीफा दिए जाने को गंभीर आत्ममंथन का विषय बताया गया है.
गोरखपुर की व्यवस्थाओं और बयानों पर सवाल
अजय राय ने अपने पत्र में गोरखपुर की व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए एक सांसद के विवादित बयान और उस समारोह में मुख्यमंत्री के हंसने की घटना को जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता की कमी बताया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऐसा बर्ताव कनिष्ठों पर गलत प्रभाव डालता है.
लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता का भरोसा
कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यपाल से मांग की है कि इस स्थिति को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाए ताकि ईमानदार अधिकारियों का मनोबल न टूटे. उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि आईएएस अधिकारी किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं बल्कि संविधान और जनता के लिए कार्य करते हैं, जिनकी निष्पक्षता की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है.
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अजय राय ने सवाल उठाया कि ऐसी सक्षम अधिकारी को फील्ड की जिम्मेदारियों से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव पद तक सीमित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सेवा छोड़ने का निर्णय लिया. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक 13 IAS अधिकारियों का इस्तीफा या VRS लेना गंभीर आत्ममंथन का विषय है.
उन्होंने कहा कि अगर योग्य और ईमानदार अधिकारी अपनी योग्यता एवं अनुभव के अनुरूप सम्मानपूर्वक काम नहीं कर पा रहे हैं, तो कनिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले राजनीतिक दबाव की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
IAS के इस्तीफे पर राजनीति
दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है. यूपी कांग्रेस प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने आरोप लगाया कि योगी सरकार में ईमानदार और दूरदर्शी अधिकारियों को अपमानित किया जा रहा है और अमानवीय दबाव के कारण अधिकारी घुटन महसूस कर रहे हैं. दूसरी ओर, यूपी बीजेपी प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी से अंधेरे में मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया है और अधिकारी में आत्ममुग्धता तथा पब्लिसिटी पाने की चाहत बहुत गहरी थी.
अखिलेश का आरोप
वहीं, आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण ईमानदार अधिकारियों को सम्मान नहीं मिल रहा है, जिससे कई अफसर रिटायरमेंट की इच्छा जता रहे हैं. उन्होंने मंदिर चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्र काम का मौका न मिलना पूरी प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है.