मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2026 में गोरखपुर स्थित श्री गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय पुण्यतिथि समारोह के अंतर्गत व्याख्यान-सत्र के शुभारंभ समारोह को संबोधित किया. अपने भाषण में उन्होंने रामायण कालखंड और विदेशी आक्रांताओं का जिक्र करते हुए बताया कि भारत पर हमला करने वाले राक्षसों और विदेशी हमलावरों का मुख्य उद्देश्य देश की बुद्धि का अपहरण करना और सनातन परंपरा को नष्ट करना था. उन्होंने सोमनाथ मंदिर और महमूद गजनवी के प्रसंग के जरिए अपनी बात रखी. इसके साथ ही उन्होंने लोगों को सत्य को प्रमाणित करके बोलने और दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ सतर्क रहने का संदेश दिया.
सोमनाथ मंदिर और गजनवी का दिया उदाहरण
सीएम योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांता केवल लूटपाट करने नहीं आए थे. सोमनाथ मंदिर के पुजारियों ने महमूद गजनवी से कहा था कि वह चाहे तो सब लूट ले, लेकिन गजनवी ने कहा कि वह सामान तो लेकर जाएगा ही, पर उसका मुख्य उद्देश्य भारत की सनातन परंपरा को नष्ट करना है. इसके बाद उसने मंदिर को लूटकर मूर्तियों को नष्ट कर दिया.
रामायण काल और ज्ञान के संरक्षण की बात
रामायण काल को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि जब भगवान राम ने दंडकारण्य में ऋषियों के आश्रमों को उजड़ा देखा, तो ऋषियों ने बताया कि राक्षस उन्हें प्रताड़ित करते हैं. इसके बाद भगवान राम ने राक्षसों का समूल नाश किया. सीएम ने कहा कि भारत की पहचान उसके ज्ञान के कारण विश्वगुरु के रूप में थी और हमें संशय पैदा करने वालों के खिलाफ खुद को तैयार करना होगा.
बकौल सीएम योगी- 'सोमनाथ मंदिर के पुजारियों ने महमूद गजनवी से कहा कि लूटना है तो लूट लो लेकिन गजनवी ने कहा नहीं मैं लेकर तो जाऊंगा ही, लेकिन मेरा उद्देश्य भारत की सनातन परंपरा को नष्ट करना है. इसके बाद उसने सोमनाथ मंदिर को लूटकर मूर्तियों को नष्ट करके गया.'