Uttar Pradesh News: बिजनौर के चांदपुर में गुरुवार शाम 5:15 बजे इंटरमीडिएट की अंतिम बोर्ड परीक्षा देने के बाद कॉलेज से निकलीं छह छात्राएं एक साथ लापता हो गई हैं. इनमें रोनिया गांव की दो, सियाउ की दो और चांदपुर नगर की दो छात्राएं शामिल हैं, जो देर रात तक घर नहीं पहुंचीं. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एसओजी और सर्विलांस समेत तीन टीमें गठित कर तलाश शुरू कर दी है. एक छात्रा के मोबाइल की लोकेशन हरिद्वार में मिली थी, लेकिन अब वह भी बंद है. पुलिस ने 18 घंटे बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज की है. लोगों में काफी आक्रोश है.
पुलिस की सुस्ती पर परिजनों का फूटा गुस्सा
छात्राओं के लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि वे रात में ही थाने पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में टालमटोल की.
आखिर में 112 नंबर पर कॉल करने के बाद ही पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज किया गया. लापता छात्रा की बहन रानी ने बताया कि अभी तक बच्चियों का कोई सुराग नहीं लगा है, जिससे घरवाले बेहद डरे हुए हैं. सीओ चांदपुर देश दीपक खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं.
पुराने मामलों ने बढ़ाई परिजनों की धड़कन
क्षेत्र में पहले से ही लड़कियों के गायब होने के अनसुलझे मामलों ने डर का माहौल बना दिया है. परिजनों को 19 सितंबर 2025 से लापता कक्षा 7 की छात्रा मुस्कान और स्योहारा की फिजा की याद सता रही है, जिनका 6 महीने बाद भी कोई पता नहीं चल सका है. इसी बीच, शिवसेना और अन्य हिंदू संगठन भी थाने पहुंच गए हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि छात्राओं को जल्द बरामद नहीं किया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.
उत्तराखंड में पुलिस की छापेमारी जारी
पुलिस की टीमें मोबाइल लोकेशन के आधार पर हरिद्वार और आसपास के इलाकों में खाक छान रही हैं. हालांकि, फोन बंद होने से जांच में बाधा आ रही है. परिजनों ने पुलिस को दो घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जबकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं. फिलहाल, पूरे चांदपुर क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल है और सभी की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं.