उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गांव की सड़क और आसपास की समस्याओं का वीडियो बनाना एक यूट्यूबर को भारी पड़ गया. आरोप है कि वीडियो बनाने को लेकर ग्राम प्रधान पति और उसके समर्थकों ने यूट्यूबर के साथ सड़क पर मारपीट की. इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी उसे पकड़कर गांव की सड़कों पर घुमाते हुए थाने तक ले गए. मामले में पुलिस ने प्रधान पति समेत दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
मामला कोतवाली देहात थाना इलाके का बताया जा रहा है. शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक घटना 11 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2 बजे की है.
पीड़ित का कहना है कि वह जुमा की नमाज पढ़ने के लिए जामा मस्जिद गया था. नमाज के बाद जैसे ही वह मस्जिद से बाहर निकला, तभी रामून उर्फ मुंशी नामक व्यक्ति ने उसे रोक लिया.
'तू बहुत बड़ा पत्रकार है, बहुत गांव की वीडियो बना रहा है'
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि रामून उर्फ मुंशी ने उसे रोकते हुए कहा कि वह खुद को बहुत बड़ा पत्रकार समझता है और गांव की बहुत वीडियो बना रहा है. इसके बाद प्रधान पति इमरान, उसके भाई फरकान, शादमान, जीशान और असरफ समेत अन्य लोग वहां पहुंच गए.
शिकायतकर्ता के मुताबिक इसके बाद उसके साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की गई. आरोप है कि इस दौरान उसे धमकी भी दी गई कि यदि उसने भविष्य में गांव की वीडियो बनाना जारी रखा तो उसे जान से मार दिया जाएगा और उसकी 'पत्रकारिता करना सिखा देंगे.' देखें VIDEO:-
थाने तक पीछा करने और मारपीट का आरोप
मामले को और गंभीर बताते हुए शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि वह किसी तरह वहां से थाने की ओर जाने लगा, लेकिन आरोपी उसका पीछा करते रहे. आरोप है कि रास्ते में भी उसके साथ मारपीट की गई और उसे थाने तक इसी तरह लाया गया.
पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही उसने नामजद लोगों से अपनी जान को खतरा होने की बात भी कही है.
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दो आरोपी जेल भेजे
शिकायत मिलने के बाद कोतवाली देहात पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की. पुलिस ने प्रधान पति इमरान समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हालांकि, घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है.
वीडियो बनाने के अधिकार और दबाव का सवाल
इस घटना ने गांवों में स्थानीय समस्याओं को कैमरे पर लाने वाले डिजिटल पत्रकारों और यूट्यूबर्स की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं. सड़क, नाली, जलभराव और अन्य स्थानीय समस्याओं के वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाना आज आम हो चुका है. ऐसे में किसी जनप्रतिनिधि या उसके समर्थकों पर पत्रकार या कंटेंट क्रिएटर के साथ मारपीट और धमकी के आरोप लगना गंभीर मामला माना जा रहा है.
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच आगे बढ़ रही है. तहरीर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी. गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है.