मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक अजब मामला सामने आया है. अवधपुरी इलाके में आम लोगों की सुविधा के लिए बनाए गए सार्वजनिक मूत्रालय को चारों तरफ से करीब चार फीट ऊंची दीवार बनाकर घेर दिया गया है. नतीजा यह है कि जिस मूत्रालय का निर्माण लोगों की सुविधा के लिए किया गया था, वहां अब लोगों का पहुंचना ही मुश्किल हो गया है. स्थानीय लोग इसे सरकारी लापरवाही का उदाहरण बता रहे हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सार्वजनिक मूत्रालय में लंबे समय से लीकेज की समस्या थी. उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम से शिकायत भी की. लोगों को उम्मीद थी कि संबंधित अधिकारी लीकेज ठीक कराकर मूत्रालय को पहले की तरह उपयोग के लायक बनाएंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. स्थानीय लोगों के मुताबिक लीकेज की समस्या दूर करने के बजाय नगर निगम ने मूत्रालय के चारों ओर करीब चार फीट ऊंची दीवार खड़ी कर दी. इससे मूत्रालय तक पहुंचने का रास्ता ही बंद हो गया.
इलाके के लोगों का कहना है कि अब स्थिति यह है कि सार्वजनिक मूत्रालय मौजूद होने के बावजूद उसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. लोगों के सामने सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जरूरत पड़ने पर उन्हें मजबूरी में खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है. उनका कहना है कि जब सार्वजनिक सुविधा तक पहुंच ही नहीं होगी तो उसका निर्माण करने का क्या फायदा है.
मजबूरी में खुले में जाने को विवश हुए लोग
इसके अलावा स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत जनता की सुविधा के लिए सार्वजनिक मूत्रालय बनाए जाते हैं. इन पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं ताकि राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधा मिल सके. लेकिन यदि निर्माण कार्यों में समन्वय नहीं होगा और समस्याओं का समाधान करने के बजाय ऐसे कदम उठाए जाएंगे तो सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो पाएगा.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि वहां दीवार बनाना जरूरी भी था तो मूत्रालय तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता छोड़ा जाना चाहिए था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब चार फीट ऊंची दीवार के कारण मूत्रालय तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो गया है. इससे यह सुविधा पूरी तरह बेकार साबित हो रही है.
इतना ही नहीं लोगों का कहना है कि सार्वजनिक मूत्रालय का उपयोग बंद होने से इलाके में स्वच्छता पर भी असर पड़ रहा है. लोगों को मजबूरी में खुले में जाना पड़ रहा है. उनका कहना है कि जब एक तरफ स्वच्छता को बढ़ावा देने की बात की जाती है और दूसरी ओर सार्वजनिक सुविधाओं का इस तरह उपयोग बंद हो जाता है तो सवाल उठना स्वाभाविक है.
लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाए. उनका कहना है कि या तो मूत्रालय के सामने बनी दीवार हटाई जाए या फिर ऐसा रास्ता बनाया जाए जिससे आम लोग आसानी से वहां पहुंच सकें. उनका कहना है कि जनता के पैसे से बनी सुविधा का लाभ लोगों को मिलना चाहिए.
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है. लेकिन यदि निर्माण कार्यों में निगरानी और विभागों के बीच समन्वय की कमी रहेगी तो इस तरह की लापरवाही सामने आती रहेगी. लोगों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है.
इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से भी बात की गई. उन्होंने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. उन्होंने कहा कि आपके द्वारा यह जानकारी दी गई है. वह जल्द ही मौके की स्थिति दिखवाएंगे और संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्या का समाधान कर सार्वजनिक मूत्रालय को जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा.
अधिकारियों से चर्चा के बाद मूत्रालय चालू कराने का आश्वासन
फिलहाल अवधपुरी का यह सार्वजनिक मूत्रालय स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों का कहना है कि जिस सुविधा का निर्माण उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया था, वही आज दीवार के पीछे कैद होकर बेकार पड़ी है. अब लोगों की नजर नगर निगम पर है कि वह कब तक इस समस्या का समाधान करता है और आम नागरिकों को इस सार्वजनिक सुविधा का लाभ फिर से मिल पाता है.