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जंगल में ट्यूबवेल के कमरे में चल रही थी तमंचा फैक्ट्री, पुलिस ग्राहक बनकर पहुंची, फिर खुल गया पूरा खेल

उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस ने जंगल के बीच चल रही एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. यहां एक ट्यूबवेल के कमरे को हथियार बनाने का अड्डा बनाया गया था. पुलिस को जब इसकी गुप्त सूचना मिली तो टीम ने जाल बिछाया. पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर पहुंचे और तमंचे खरीदने की बात की. डील पक्की होते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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आसपास के जिलों में की जा रही थी सप्लाई. (Photo: Screengrab)
आसपास के जिलों में की जा रही थी सप्लाई. (Photo: Screengrab)

यूपी के बांदा में पुलिस को एक ऐसी अवैध असलहा फैक्ट्री का पता चला, जो जंगल के बीच एक ट्यूबवेल के कमरे में चल रही थी. बाहर से देखने पर कमरा बिल्कुल आम सा लगता था, लेकिन अंदर हथियार तैयार किए जा रहे थे. पुलिस को इसकी भनक लगी तो सीधे दबिश देने के बजाय एक प्लान बनाया गया. पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर पहुंचे, तमंचे खरीदने की बात की और डील फाइनल होते ही पूरी टीम ने धावा बोल दिया.

मामला नरैनी कोतवाली क्षेत्र के मोतियारी गांव का है. पुलिस के मुताबिक, एसपी पलाश बंसल को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव के जंगल इलाके में अवैध तरीके से असलहे बनाए जा रहे हैं. सूचना में यह भी बताया गया था कि यहां तैयार हथियार बांदा के साथ-साथ आसपास के जिलों में सप्लाई किए जाते हैं.

सूचना मिलते ही पुलिस टीम एक्टिव हुई. लेकिन इस बार पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए थोड़ा अलग तरीका अपनाया. टीम ने पहले यह पता लगाने की कोशिश की कि हथियारों की खरीद-बिक्री कैसे होती है. इसके बाद पुलिस इंस्पेक्टर अर्जुन ग्राहक बनकर आरोपियों तक पहुंचे.

Banda Police Bust Illegal Arms Factory Forest Area Recover 9 Country Made Pistols

तीन तमंचों की डील और फिर पुलिस का खेल

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक बनकर पहुंचे इंस्पेक्टर ने तीन तमंचे खरीदने की बात कही. बातचीत शुरू हुई तो आरोपियों ने एक तमंचे की कीमत 7 हजार रुपये बताई. सौदेबाजी के बाद करीब 20 हजार रुपये में डील तय हो गई. अब आरोपियों को क्या पता था कि जिस ग्राहक से वे हथियार बेचने की बातचीत कर रहे हैं, उसके पीछे पूरी पुलिस टीम लगी हुई है.

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डील तय होने के बाद पुलिस टीम ने सही वक्त का इंतजार किया. जैसे ही मौका मिला, पुलिस ने जंगल में बने उस कमरे पर दबिश दे दी. अचानक पुलिस को सामने देखकर आरोपियों के होश उड़ गए. मौके से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.

कमरे के अंदर मिला हथियार बनाने का सामान

पुलिस ने जब कमरे की तलाशी ली तो वहां सिर्फ दो आरोपी ही नहीं मिले, बल्कि हथियार बनाने का पूरा इंतजाम नजर आया. पुलिस ने मौके से 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और असलहे बनाने के उपकरण बरामद किए. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवीदीन और रामस्वरूप के रूप में हुई है.

यह भी पढ़ें: वाराणसी में अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़, हथियारों के साथ तस्कर गिरफ्तार, आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं कई केस

पुलिस का कहना है कि दोनों जंगल में बने कमरे में अवैध तरीके से हथियार तैयार करते थे. तैयार तमंचों को करीब 7 से 8 हजार रुपये में बांदा और आसपास के जिलों में बेचने का आरोप है. यानी जंगल के बीच बने एक कमरे से हथियार तैयार हो रहे थे और फिर उन्हें अलग-अलग जगहों तक पहुंचाया जा रहा था.

दो गिरफ्तारियां और 9 तमंचे बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है. असली सवाल अब यह है कि इस फैक्ट्री से अब तक कितने हथियार बाहर जा चुके हैं? पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने किन-किन लोगों को तमंचे बेचे, हथियारों की सप्लाई किन जिलों तक हुई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. यानी पुलिस अब इस अवैध हथियार फैक्ट्री के पीछे के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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डिप्टी एसपी प्रवीण यादव के मुताबिक, नरैनी पुलिस ने अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 9 अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं. दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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