छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग जिले के सेलुद गांव में शासकीय स्कूल में बच्चों को बेसिक सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. यहां के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में टॉयलेट न होने की वजह से परेशान छात्रों ने सड़को पर आकर प्रदर्शन किया. सुबह 9 बजे से धरने पर बैठे छात्र- छात्राओं ने अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे जिससे लंबा जाम भी लगा रहा. मौके पर तहसीलदार ने आकर छात्राओं को समझाइश दी और शौचालय निर्माण का आश्वासन दिलाकर मामले को शांत कराया. बड़ी संख्या में विद्यार्थी दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग के बजरंग चौक पर पहुंच गए और सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया.
अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर बुलाने की मांग
प्रदर्शन कर रहे स्कूली छात्र-छात्राओं ने स्कूल में जल्द शौचालय निर्माण कराने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी. विद्यार्थियों का आरोप था कि वे अपनी समस्या कई स्तरों पर पहुंचा चुके हैं लेकिन कई कार्रवाई नहीं की गई है. दुर्ग सांसद विजय बघेल से लेकर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार लोगों तक शिकायत और मांग रखे जाने के बावजूद उन्हें अब तक ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली. छात्रों का कहना था कि उन्हें लगातार आश्वासन तो दिए गए, लेकिन स्कूल में शौचालय की समस्या दूर करने के लिए काम शुरू नहीं हुआ. इसी वजह से विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ती गई.
मंत्री के गृह जिले में बुनियादी सुविधा पर सवाल
यह मामला छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह दुर्ग जिले से जुड़ा होने के कारण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है, लेकिन सेलूद के स्कूल में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर छात्रों का सड़क पर उतरना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई के साथ जरूरी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए. छात्राओं के लिए पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था विशेष रूप से जरूरी है.

निर्माण का आश्वासन
चक्काजाम की जानकारी मिलने के बाद पाटन तहसीलदार रसतोगी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्या को सुना. स्थिति को देखते हुए तहसीलदार ने छात्रों को जल्द शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया. उन्होंने स्कूल परिसर में शौचालय निर्माण के लिए जगह का निरीक्षण करने की बात भी कही. प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बाद स्कूली छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और वापस स्कूल लौट गए.
मजबूरी में उठाना पड़ा यह कदम
प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्या को बड़े अधिकारियों और मंत्रियों तक पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए थे. जब कहीं से ठोस समाधान नहीं मिला तो उन्होंने चक्काजाम करने का फैसला लिया. छात्रों के अनुसार, वे सुबह करीब साढ़े नौ बजे सड़क पर बैठे और अपनी मांग रखी. विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में शौचालय जैसी जरूरी सुविधा का होना कोई बड़ी मांग नहीं है. यह बच्चों की बुनियादी जरूरत है और इसे जल्द पूरा किया जाना चाहिए.

आजतक से बोले बच्चे
इस दौरान कई छात्रों ने आजतक से बात की.किंजल कुर्रे ने कहा कि मैं आठवी मे पढ़ती हूं, हम लोग चक्काजाम इसलिए किए थे क्योंकि हम लोग के लिए स्कूल मे शौचालय नहीं है और बाउंडी दीवाल नहीं है, जिससे हमें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है. वहीं, गजेंद्र ने कहा कि देखिए जो आंदोलन हो रहा है वह कुछ जगह सही है.