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'धर्म नहीं बदलूंगी, चाहे कुछ भी हो' बागपत की आशमा बनी पूजा तो मुस्लिम पड़ोसियों ने ढाया जुल्म! FIR दर्ज

बागपत में धर्म परिवर्तन कर आयशा से पूजा बनी महिला ने पड़ोसियों पर घर का मंदिर तोड़ने, मूर्तियां खंडित करने और जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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बागपत की आशमा उर्फ़ पूजा ने लगाए गंभीर आरोप  (Photo- Screengrab)
बागपत की आशमा उर्फ़ पूजा ने लगाए गंभीर आरोप (Photo- Screengrab)

Uttar Pradesh News: बागपत में आशमा से पूजा बनी महिला के आरोपों से हड़कंप मच गया है. आरोप है कि हिंदू धर्म अपनाने पर पड़ोसी मुस्लिम परिवार ने उसके घर में बना मंदिर तोड़ दिया. देवी -देवताओं की मूर्तियां खंडित करने और दीवार पर बनी गाय का चित्र मिटाने का भी आरोप है. महिला के मुताबिक, छोटी बेटी पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया जाता है. यहां तक कि उनके होली -दीवाली मनाने पर भी एतराज जताया जाता है. पूजा का आरोप है कि उस पर दोबारा मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव है. अब महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद और सुरक्षा की गुहार लगाई है.

दरअसल, मामला बागपत शहर के ईदगाह मोहल्ले का बताया जा रहा है. यहां रहने वाली महिला ने अपना नाम पूजा बताते हुए कहा कि शादी से पहले उसका नाम आयशा था. महिला के अनुसार, वह मूल रूप से गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र की रहने वाली है. वर्ष 2001 में उसने मुरादाबाद में धर्म परिवर्तन के बाद मदनपाल नाम के हिंदू युवक से प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद वह हिंदू धर्म में ही रह रही है.

पूजा ने बताया कि शादी के बाद उसकी तीन बेटियां हुईं. पति की मौत हो चुकी है और अब वह बागपत में रहकर अपनी बेटियों के साथ जीवन बिता रही है. उसका कहना है कि उसने अपनी बड़ी बेटी की शादी हिंदू परिवार में की है, जबकि दूसरी बेटी का रिश्ता भी हिंदू परिवार में तय किया है. महिला का दावा है कि वह हिंदू धर्म अपनाने के बाद खुश है और आगे भी इसी धर्म में रहना चाहती है.

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पूजा का आरोप है कि उसने अपने घर में पूजा-पाठ के लिए छोटा सा मंदिर बना रखा था. घर की दीवार पर गाय का चित्र भी बनाया गया था. महिला के मुताबिक सुलेमान व उसके बेटे नूर मुहम्मद सहित कुछ लोगों ने उसके घर में घुसकर हंगामा किया और मंदिर को तोड़ दिया. आरोप है कि मंदिर में रखी मूर्तियों को खंडित कर दिया गया. दीवार पर बने गाय के चित्र को भी मिटा दिया गया. उसका कहना है कि उस परिवार का बेटा मुफ़्ती है. मुस्लिम से हिंदू बनने पर उसके परिवार को लेकर आपत्ति जताई जा रही है. उस पर मुस्लिम धर्म मे वापसी का दबाव बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं उन्हें त्यौहार जैसे होली-दीवाली तक नही बनाने दी जाती है.

इतना ही नही पूजा का आरोप है कि उसकी सबसे छोटी बेटी की स्कूल की पढ़ाई छूट गई. महिला के मुताबिक बेटी पर उर्दू पढ़ने का दबाव बनाया गया. वहीं पीड़ित परिवार के द्वारा कुछ वीडियो भी रिकॉर्ड किये गए जिनमें मुस्लिम समाज के बड़ी संख्या में लोग महिला के घर मैं मौजूद हैं. जबकि एक वीडियो में मुस्लिम शख्स महिला से झगड़ रहा है.

महिला की शिकायत पर घटना के संबंध में पुलिस ने BNS की धारा 115(2), 351(2) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोप है कि पीड़िता पर मामले में समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है. उसका कहना है कि वह किसी दबाव में अपना धर्म बदलने या वापस मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए तैयार नहीं है. वहीं इस बाबत UP तक से सीओ बागपत से फोन पर हुई बातचीत में बताया कि पालतू बिल्ली  को लेकर पड़ौसी से विवाद की बात सामने आई है. जिस तरह के आरोप लगे है उनके सत्यता की  जांच की जाएगी.

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