दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL 2026) में अपनी फ्लॉप परफॉर्मेंस के कारण एक खिलाड़ी को भयंकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. न्यू दिल्ली टाइगर्स टीम में शामिल 22 वर्षीय बल्लेबाज देव चौधरी को अजीबोगरीब बैटिंग स्टाइल की वजह से भी फैन्स निशाने पर ले रहे हैं.
दरअसल, देव चौधरी का बैटिंग और फील्डिंग करने का तरीका बहुत ही अलग है. मैच से पहले प्रैक्टिस के दौरान उनसे आसान कैच छूटने का एक वीडियो भी वायरल हुआ है. टूर्नामेंट के अपने पहले मैच में वे बिना खाता खोले आउट हो गए थे. वहीं दूसरे मैच में 24 गेंदों पर 16 रन बनाए. खराब प्रदर्शन के कारण तीसरे मैच में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया.
सोशल मीडिया पर फैन्स पूछ रहे हैं कि इतनी कम योग्यता और बिना किसी बड़े सीनियर रिकॉर्ड के उन्हें टीम की प्लेइंग-11 में जगह कैसे मिली. उनकी नीलामी को लेकर भी तरह-तरह की खबरें थीं. कुछ का कहना था कि वे ऑक्शन का हिस्सा नहीं थे, जबकि कुछ रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें 1 लाख रुपये में खरीदा गया था.
खिलाड़ी पर लग रहा फ्रॉड का आरोप
सोशल मीडिया पर कुछ लोग उनके चयन में धांधली या फ्रॉड का आरोप लगा रहे हैं. लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है. DDCA (दिल्ली एंड जिला क्रिकेट एसोसिएशन) या न्यू दिल्ली टाइगर्स की तरफ से किसी भी गड़बड़ी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
नहीं मिल रहा DPL से पहले का रिकॉर्ड
दिल्ली प्रीमियर लीग से पहले देव के किसी बड़े टूर्नामेंट में खेलने का कोई ठोस रिकॉर्ड मौजूद नहीं है. इससे पहले उनके नाम का साल 2021 के एक DDCA अंडर-19 ट्रायल का पर्चा मिला था. जिसमें वे मिडिल ऑर्डर ऑलराउंडर के रूप में खेलते हुए नजर आए थे.
This fraud Dev Chaudhary can’t even hold bat properly but he is still playing in Delhi premier league 😭🤣
— JB (@93Yorker) August 25, 2026
- look at the non striker reaction 😂😭 pic.twitter.com/qyj1UKi0bm
लगातार हो रही आलोचनाओं पर तोड़ी चुप्पी
एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे करियर के पुराने रिकॉर्ड्स पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कह दिया कि मैं इस सवाल का जवाब नहीं देना चाहता. अपनी तकनीक का बचाव करते हुए देव ने कहा कि वे हमेशा से इसी ग्रिप से बल्लेबाजी करते आए हैं और बैट पकड़ने के तरीके से कोई फर्क नहीं पड़ता. हालांकि, उनका यह जवाब फैन्स के गले बिल्कुल नहीं उतर रहा है.