सावन के महीने में भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन-पूजन के साथ प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना कर रहे हैं और शिवालयों में जलाभिषेक भी कर रहे हैं. सावन महीने में अब तक 35 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं. श्रीरामलला के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है. प्रशासन के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार श्रीरामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10 प्रतिशत ज्यादा है. शनिवार और रविवार को भी एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने का सिलसिला जारी है.
सावन के पहले सोमवार को करीब 3 लाख श्रद्धाल अयोध्या पहुंचे थे, जबकि दूसरे सोमवार को यह संख्या बढ़कर करीब 6 लाख तक पहुंच गई है. अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस के सामने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है.
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए हैं. प्रमुख मंदिरों, घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है. जरूरत के अनुसार, रूट डायवर्जन और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है. भीड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और अधिकारियों की तैनाती की गई है.

पानी, मेडिकल सहिंत सुरक्षा पर जोर
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने पीने के पानी, मेडिकल, स्वच्छता, शौचालय, लाइट आदि की व्यवस्था की है. घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत है. वरिष्ठ अधिकारी खुद मेला क्षेत्र का जायजा ले रहे हैं और देर रात तक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर निगरानी कर रहे हैं.
सावन महीने में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच अयोध्या प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती है. हालांकि, सुरक्षा, यातायात और सुविधाओं को लेकर किए जा रहे इंतजामों के बीच रामनगरी में आस्था और भक्ति का सिलसिला लगातार जारी है. अयोध्या इस समय श्रद्धालुओं की आस्था और भगवान श्रीराम के प्रति भक्ति के महासंगम का केंद्र बनी हुई है.