उत्तर प्रदेश के औरैया के अजीतमल में 18 जुलाई को एक अज्ञात शव मिला था. सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार के बाद 20 जुलाई को सैदपुर अड्डा निवासी दशरथ, ब्रजभान और राजेश ने शव की पहचान 40 वर्षीय कमल सिंह रैदास के रूप में की. पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा और 21 जुलाई को अंतिम संस्कार हुआ. हालांकि, पत्नी सुनीता के फोन करने पर ग्वालियर में काम कर रहा कमल जिंदा घर लौटा. पुलिस ने अब गलत शिनाख्त करने पर तीनों के खिलाफ बीएनएसएस धारा 217 के तहत एफआईआर दर्ज की है.
पत्नी के एक फोन से खुला जिंदा होने का राज
दरअसल, जिस कमल सिंह को मृत समझा गया था वह पिछले डेढ़ साल से घर से बाहर था और पंजाब के बाद ग्वालियर में प्लंबर का काम कर रहा था. ऐसे में जब पति के मरने की खबर पत्नी सुनीता को मिली तो उसे यकीन नहीं हुआ और उसने संपर्क वाले नंबर पर फोन मिलाया. बातचीत होने पर सुनीता ने पति को तुरंत घर लौटने को कहा.
शांति पाठ में पहुंचे कमल को देख भौचक्के रह गए लोग
जानकारी मिलते ही कमल सिंह अपने गांव पहुंचा, जहां घर पर उसका शांति पाठ चल रहा था. अपने ही घर में खुद के अंतिम संस्कार की रस्में देख कमल दंग रह गया. उधर, जिंदा खड़े कमल को देखकर परिजनों और ग्रामीणों के चेहरों की हवाइयां उड़ गईं और हड़कंप मच गया.
गलत पहचान करने वालों पर पुलिसिया कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस गांव पहुंची और जांच शुरू की. औरैया सीओ मनोज कुमार और अजीतमल पुलिस ने सब इंस्पेक्टर अभय प्रताप सिंह की तहरीर पर गलत पहचान करने वाले तीन लोगों पर केस दर्ज किया. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि आखिर वह अज्ञात शव किसका था.