अलीगढ़ के एएमयू कब्रिस्तान से 29 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में एएमयू के लॉ विभाग के पूर्व प्रोफेसर शब्बीर अहमद की 84 वर्षीय पत्नी खान नूर अफरोज का शव बाहर निकाला गया. कैंसर और गंभीर बीमारी के कारण उनका निधन होने के बाद 18 अगस्त को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था. प्रतापगढ़ से आए भतीजे और उनके पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी से जांच की मांग की, जिसके बाद डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने वीडियोग्राफी के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया.
भतीजे ने लगाया हत्या और साजिश का आरोप
मृतका के भतीजे का दावा है कि उन्हें अपनी बड़ी अम्मी की मौत की जानकारी 15 दिन बाद मिली थी. प्रतापगढ़ से अलीगढ़ पहुंचे भतीजे और उसके पिता ने मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है. इसके साथ ही उन्होंने संपत्ति से जुड़े मामलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
बच्चों ने कहा- जमीन और स्कूल हड़पने की है नीयत
दूसरी ओर, मृतका की बेटी ऐश मोहम्मद और अन्य बच्चों का कहना है कि उनके परिवार की चाचा और उनके बेटे से कोई बातचीत नहीं थी. बच्चों का आरोप है कि लंबे समय से मां बीमार थीं और कई जगह उनका इलाज चला, लेकिन चाचा या उनके बेटे ने कभी हाल नहीं जाना. माता-पिता के देहांत के बाद वे जबरदस्ती परेशान कर रहे हैं ताकि उनकी जमीन और स्कूल को हड़प सकें.
पुलिस प्रशासन ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम, मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में 29 अक्टूबर को शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है. डीएसपी सर्वम सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.