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'15 हजार दो, नौकरी लो'... फिर स्टांप पेपर पर साइन, बना लेते थे बंधक! अमरोहा में चल रहा था ठगी का खेल

उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पुलिस ने ऐसे गैंग को पकड़ा है, जो बेरोजगार युवाओं को आयुर्वेदिक प्रोडक्ट बेचने की नौकरी का झांसा दे रहा था. यह गैंग युवाओं से पैसे वसूलता, नेटवर्किंग के नाम पर नए लोगों को जोड़ने का दबाव बनाता और विरोध करने वालों को बंधक बनाकर मारपीट तक करता था.

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पुलिस ने 14 बंधकों को कराया मुक्त. (Photo: Screengrab)
पुलिस ने 14 बंधकों को कराया मुक्त. (Photo: Screengrab)

सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन दिखता था- आयुर्वेदिक कंपनी में नौकरी, अच्छी सैलरी, शानदार करियर... बेरोजगार युवक इंटरव्यू देने पहुंचते थे. उनसे कहा जाता था कि बस रजिस्ट्रेशन कराइए, ट्रेनिंग लीजिए और कमाई शुरू कर दीजिए. लेकिन नौकरी की जगह उनका सामना एक ऐसे नेटवर्क से होता था, जहां पैसे देने के बाद निकलना आसान नहीं था.

उत्तर प्रदेश के अमरोहा पुलिस ने ऐसे ही एक गैंग का भंडाफोड़ किया है. पुलिस का कहना है कि BHARAT ASSOCIATE नाम से चल रहे इस नेटवर्क के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी की जाती थी. जो लोग विरोध करते थे, उन्हें कथित तौर पर बंधक बनाकर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना भी दी जाती थी.

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पुलिस का कहना है कि गैंग सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों से युवाओं को इंटरव्यू के लिए बुलाता था. वहां पहुंचने के बाद उनसे 15 हजार से 30 हजार रुपये तक रजिस्ट्रेशन और ट्रेनिंग फीस के नाम पर वसूले जाते थे. इसके बाद युवाओं से 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराए जाते थे. पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल बाद में शिकायत करने वालों पर दबाव बनाने के लिए किया जाता था.

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आरोप है कि नौकरी देने की बजाय युवाओं को नेटवर्क मार्केटिंग और मनी सर्कुलेशन स्कीम में धकेल दिया जाता था. उन्हें समझाया जाता कि असली कमाई नौकरी से नहीं, बल्कि नए लोगों को जोड़ने से होगी. यानी जितने ज्यादा लोग जोड़ोगे, उतनी ज्यादा कमाई होगी. जो लोग इस मॉडल पर सवाल उठाते या अपने पैसे वापस मांगते, उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की जाती. उन्हें बाहर जाने से रोका जाता और परिवार या दूसरे लोगों से संपर्क तक नहीं करने दिया जाता.

एक शिकायत... और खुल गई पूरी परत

मुरादाबाद के रहने वाले सचिन ने गजरौला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि नौकरी दिलाने के नाम पर उससे और कई अन्य युवाओं से ठगी की गई है. शिकायत के बाद पुलिस ने छापेमारी की. कार्रवाई में 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए. मौके से 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 20 आवेदन पत्र, फर्जी स्टाम्प पेपर, तीन रजिस्टर, दो डायरी और 39,500 रुपये कैश बरामद किए गए. पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई पीड़ितों को भी वहां से मुक्त कराया. इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश जारी है. इसी के साथ यह भी जांच की जा रही है कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा क्या दूसरे राज्यों तक भी फैला था.

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