जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को ध्वस्त करने के आदेश के बाद राजनीति गर्मा गई है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 'प्रिय छात्रों और अभिभावकों, जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने की युवाओं और उनके अभिभावकों की मुहिम में हम पूरी तरह से आपके साथ हैं.'
अखिलेश यादव ने कहा कि बदले की भावना से काम कर रही भाजपा सरकार जौहर यूनिवर्सिटी को अपनी राजनीति का शिकार न बनाए. उन्होंने कहा कि इस दुर्भावनापूर्ण और पक्षपातपूर्ण फैसले के खिलाफ पार्टी का छोटा-से-छोटा कार्यकर्ता, समर्थक, बड़ा-से-बड़ा नेता और वे हजारों बच्चे व उनके मेहनतकश माता-पिता साथ हैं, जिनके सपनों पर भाजपा सरकार बुलडोजर चलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि हर विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है. हम 'शिक्षा के मंदिर' को बचाने के लिए देशभर के लोगों से हमारे साथ आने की अपील करते हैं.

विश्वविद्यालय से जुड़े कागजी विवाद पर उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई कागजी कमी है भी, तो उसे पूरा कर यूनिवर्सिटी और छात्रों के भविष्य को बचाया जाना चाहिए. यहां गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं, जिनके पास अपने बच्चों को महंगे विश्वविद्यालयों या विदेश में पढ़ाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं. भाजपा पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के मन में बच्चों, युवाओं, उनके परिवारों और समाज के लिए रत्ती भर भी सहानुभूति होती, तो वह इस विध्वंसक कार्रवाई का कोई वैकल्पिक समाधान निकालती.
सरकार पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा जानती है कि पढ़-लिखकर लोग नौकरी और रोजगार मांगेंगे, जो वह देना नहीं चाहती. नौकरी और भर्ती भाजपा के एजेंडे में ही नहीं है. उन्होंने कहा कि जब हमारे प्राथमिक स्कूल बंद किए गए थे, तब हमारे सजग शुभचिंतकों ने 'पीडीए पाठशाला' खोलकर भाजपा की साजिश को नाकाम कर दिया था. इसी वजह से अब उनके निशाने पर यूनिवर्सिटी आ गई है.
क्या है जौहर यूनिवर्सिटी का मामला?
जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों में से 38 को रामपुर विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण माना है. इन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है. प्राधिकरण का कहना है कि इन भवनों के निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शा नहीं लिया गया था. अथॉरिटी ने इन्हें हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया है.