23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के MLC चुनाव के दौरान आगरा में सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल कैमरे के सामने रो पड़े थे. उन्होंने बूथ कैप्चरिंग और अपने समर्थकों को परेशान करने के आरोप लगाए थे. अब इसी चुनाव से जुड़ी गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है. आयोग ने छह अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड करने का निर्देश दिया है. साथ ही 21 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने को कहा है.
यह मामला आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से जुड़ा है. चुनाव आयोग ने मतदान में गड़बड़ियों के बाद 20, 21 और 26 नंबर के बूथों पर 23 अक्टूबर को हुए मतदान को रद्द कर दोबारा वोटिंग कराने का आदेश दिया था. आयोग ने जांच के बाद बूथ नंबर 21 और 26 पर तैनात छह अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है.
बूथ नंबर 21, सैंया पर सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर हरिशरण सिंह और एत्माद्दौला थाने के सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार तैनात थे. वहीं, बूथ नंबर 26, फतेहाबाद पर सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम पाल और एकता थाने के सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी की ड्यूटी थी.
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10 दिन में तैयार करनी होगी चार्जशीट
चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को छह कर्मचारियों के खिलाफ 10 दिन के भीतर चार्जशीट तैयार करने का निर्देश दिया है. इसे जारी करने से पहले ड्राफ्ट आयोग को जांच के लिए भेजना होगा. आयोग ने कहा कि मतदान केंद्रों पर निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रहे. इसे ड्यूटी में गंभीर लापरवाही माना गया है. अधिकारियों से जल्द अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है.
21 अन्य कर्मचारियों पर भी होगी कार्रवाई
छह अधिकारियों के अलावा 21 अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. इनमें पांच मतदान अधिकारी शामिल हैं, जिनमें दो पीठासीन अधिकारी और तीन मतदान अधिकारी हैं. इसके अलावा 16 पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होगी. इनमें पांच हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल शामिल हैं.
23 अक्टूबर को क्या हुआ था
23 अक्टूबर को मतदान के दौरान सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया था कि खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर बूथ कैप्चरिंग हुई. उन्होंने दावा किया था कि पीठासीन अधिकारी के खाना खाने के दौरान मतदाताओं को बाहर निकालकर कमरा बंद कर लिया गया. उन्होंने छाता के बूथ नंबर 40 पर भी गड़बड़ी का आरोप लगाया था.
मीडिया से बात करते हुए आकाश अग्रवाल भावुक हो गए थे और रो पड़े थे. उन्होंने अपने समर्थकों और शिक्षकों को परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया था. ये उनके आरोप थे. अब चुनाव आयोग ने मतदान में गड़बड़ियों और अधिकारियों की भूमिका को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.