देश की सेवा सिर्फ वर्दी पहनकर नहीं, बल्कि एक विरासत के रूप में भी निभाई जाती है. इसका खूबसूरत उदाहरण भारतीय सेना के नए प्रमुख जनरल धीरज सेठ के पदभार ग्रहण समारोह में देखने को मिला. समारोह खत्म होने के बाद जो हुआ, उसने वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी दिल जीत लिया.
भारतीय सेना के 31वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. जैसे ही समारोह पूरा हुआ, वह सीधे अपने पिता लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ (सेवानिवृत्त) की ओर बढ़े. उनके साथ उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ भी थे.
दोनों भाइयों ने एक साथ अपने पिता को सैल्यूट किया. यह भावुक पल कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस वीडियो को देश सेवा, अनुशासन और परिवार के सम्मान की मिसाल बता रहे हैं.
एक परिवार, तीन वर्दियां... देश सेवा की अनोखी विरासत
इस वीडियो की सबसे खास बात सिर्फ सैल्यूट नहीं, बल्कि वह विरासत है जो इस परिवार ने बनाई है.जनरल धीरज सेठ अब भारतीय सेना के प्रमुख हैं.उनके छोटे भाई रियर एडमिरल रविनीश सेठ भारतीय नौसेना में वरिष्ठ अधिकारी हैं.उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. सेठ भी भारतीय सेना में शीर्ष पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग इसे 'एक परिवार, तीन वर्दियां और देश सेवा की तीन पीढ़ियां' कहकर सराह रहे हैं.
पद संभालते ही क्या बोले नए आर्मी चीफ?
कार्यभार संभालने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा कि भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व के साथ-साथ विनम्रता का विषय है.उन्होंने कहा कि मैं 'कर्तव्य, सम्मान और राष्ट्र सर्वोपरि' के सिद्धांतों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ इस जिम्मेदारी का निर्वहन करूंगा.उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार भी जताया कि उन्होंने उन पर भरोसा जताते हुए भारतीय सेना का नेतृत्व सौंपा.
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शहीदों को किया नमन
अपने पहले संबोधन में जनरल धीरज सेठ ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.उन्होंने कहा कि शहीद जवानों का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा.
कौन हैं जनरल धीरज सेठ?
जनरल धीरज सेठ राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), खड़कवासला के पूर्व छात्र हैं. उन्हें दिसंबर 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था. सेना प्रमुख बनने से पहले वह वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.वह उन चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की दो ऑपरेशनल कमांड का नेतृत्व किया है.
क्यों वायरल हो रहा है यह VIDEO?
सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं. यूजर्स का कहना है कि अक्सर बड़े पदों पर पहुंचने के बाद लोग सम्मान पाते हैं, लेकिन जनरल धीरज सेठ ने सबसे पहले उस शख्स को सैल्यूट किया, जिसने उन्हें जीवन और संस्कार दिए.कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक सैल्यूट नहीं था, बल्कि उस पिता के प्रति सम्मान था, जिसने खुद भी इसी वर्दी में देश की सेवा की थी.
यही वजह है कि यह वीडियो सिर्फ सेना प्रमुख के पदभार ग्रहण का नहीं, बल्कि देश सेवा, परिवार, संस्कार और सम्मान की एक ऐसी कहानी बन गया है, जिसे लोग बार-बार देख रहे हैं.