नेपाल में आई बाढ़ ने वहां ऐसे हालात बना दिए हैं, जिसे देख कलेजा मुंह को आ जाए. नेपाल के बाढ़ प्रभावित कुछ क्षेत्रों में, सैकड़ों अज्ञात शवों को दफना दिया गया है. क्योंकि वे सड़ रहे हैं और अस्पतालों या मुर्दाघरों में बॉडी रखने की जगह नहीं बची है. ऐसे अस्पताल और अस्थायी फैसिलिटी सेंटर के बाहर वैसे लोगों की भीड़ कई दिनों से डटी है, जो अपनों की तलाश में यहां पहुंचे हुए हैं.
नेपाल के आपदाग्रस्त जिले चितवन में मृतकों के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने वाली कई सुविधाओं में से एक की देखरेख कर रहे इंस्पेक्टर अनिल थापा ने रॉयटर्स को बताया कि शव तेजी से सड़ रहे हैं. यही वजह है कि कई सारे बॉडी को दफना दिया गया. हालांकि, दफनाने से पहले इसके डीएनए सैंपल ले लिए गए हैं. ताकि, शव खोजने आने वाले उनके रिश्तेदारों के डीएनए से मिलान कर उन्हें अवशेष निकालकर सौंपे जा सके.
थापा ने बताया कि अब तक हमने जितने शव बरामद किए हैं, उनमें से आधे से अधिक की पहचान करना असंभव है. कई शवों के चेहरे दिखाई नहीं दे रहे हैं. कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित चितवन एक्सपो सेंटर लापता रिश्तेदारों की तलाश कर रहे शोक संतप्त परिवारों के लिए केंद्र बिंदु बन गया है.
ऐसे अपनों को पहचानने की कोशिश कर रहे लोग
एक हॉल के बाहर सैकड़ों लोग दिन- रात जमा रहते हैं. यहां एक स्क्रीन पर बरामद शवों की तस्वीरें और उनसे संबंधित बरामद समानों को एक वीडियो में दिखाया जाता है. ताकि उनकी पहचान की जा सके. भीड़ में कई लोगों के पास बैग और सामान है. इससे पता चलता है कि वे दूर-दराज के इलाकों से आए हैं.
कई परिवारों ने बताया कि वे एक दिन पहले ही आ गए थे लेकिन फिर भी उन्हें हॉल के अंदर जाने की परमिशन नहीं दी गई थी. पास ही में, एक पुराने एक मंजिला मकान को शवों के लिए एक अस्थायी स्टोर फैसिलिटी बना दिया गया है. यहां वैसे शवों को रखा जा रहा है, जिनकी पहचान की जानी बाकी है.
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चितवन में इसी इमारत के बाहर तीन तंबू लगे हैं. इनमें नेपाल रेड क्रॉस का हेल्प डेस्क और पुलिस रजिस्ट्रेशन केंद्र शामिल हैं. डेस्क के नीचे अगरबत्ती जलती रहती है. ताकि, सड़ रही बॉडी की दुर्गंध से राहत मिल सके.
नेपाल की लापता लोगों की सूची में 592 विदेशी नागरिक शामिल हैं. इनमें पर्वतारोहण के लिए आए पर्यटक और कैलाश पर्वत की यात्रा पर आए तीर्थयात्री भी शामिल हैं. ये विदेशी नागरिक भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे देशों से आए थे.
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सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में, नेपाल पुलिस ने लापता लोगों के परिजनों से काठमांडू स्थित नेपाल पुलिस अस्पताल की पैथोलॉजी प्रयोगशाला या निकटतम जिला पुलिस कार्यालय में डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए रक्त का एक ताजा नमूना और पासपोर्ट आकार की दो तस्वीरें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. ताकि, अज्ञात शवों से लिए गए डीएनए सैंपल से बाद में उनका मिलान कर उनकी पहचान तय की जा सके.