दुनिया के मशहूर यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट (MrBeast) से मिलना कई लोगों का सपना होता है. लेकिन भारत की कंटेंट क्रिएटर माया गुप्ता ने इस सपने को पूरा करने के लिए एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद करने का अभियान शुरू किया और सोशल मीडिया पर लगातार अपने इस सफर को शेयर करती रहीं. माया ने अपने लिए 365 दिनों का लक्ष्य रखा था और हर दिन गिनकर बताती थीं कि उनका चैलेंज कहां तक पहुंचा है. अब माया की कहानी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. 11 अक्टूबर 2026 को एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि उनकी मुलाकात मिस्टर बीस्ट से हो गई है और उन्हें अपने चैरिटी अभियान के लिए 10,000 डॉलर यानी करीब 8.3 लाख रुपये की मदद मिली. हालांकि, इस मुलाकात और आर्थिक मदद की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है.
आखिर कौन हैं माया गुप्ता ?
माया गुप्ता एक कंटेंट क्रिएटर हैं, जो सोशल मीडिया पर अपने काम और चैरिटी अभियान से जुड़ी पोस्ट शेयर कर रही थीं. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनके अभियान का मकसद जरूरतमंद लोगों की मदद करना और उन्हें खाना खिलाना था. माया ने इस काम को कुछ दिनों तक करने के बजाय 365 दिनों का लक्ष्य बनाया. यानी वह लगातार एक साल तक अपने अभियान को जारी रखना चाहती थीं. अपने इस सफर को लोगों तक पहुंचाने के लिए वह सोशल मीडिया पर पोस्ट करती थीं और बताती थीं कि उनके चैलेंज का कौन-सा दिन चल रहा है.
इस अभियान के साथ माया का एक और सपना जुड़ा था. वह दुनिया के मशहूर यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट से मिलना चाहती थीं. मिस्टर बीस्ट अपने वीडियो में बड़े-बड़े चैलेंज करने, लोगों को पैसे और इनाम देने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए जाने जाते हैं. माया की कोशिश थी कि उनका काम उन तक पहुंचे और उन्हें अपने अभियान के बारे में बताने का मौका मिले.
365 दिन के चैलेंज में क्या करती थीं माया?
माया अपने अभियान से जुड़ी पोस्ट के जरिए लोगों को अपने सफर की जानकारी देती थीं. वह दिन गिनकर बताती थीं कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्हें अभी कितना समय और काम करना है. 25 अगस्त 2026 की एक पोस्ट में उन्होंने अपने चैलेंज का 357 वां दिन बताया था. इसका मतलब था कि 365 दिन पूरे होने में केवल आठ दिन बाकी थे. इसके बाद 29 अगस्त की पोस्ट में उन्होंने 361 वें दिन का जिक्र किया.
इन पोस्ट से पता चलता है कि माया अपने लक्ष्य को सोशल मीडिया पर लगातार शेयर कर रही थीं. इससे उनके फॉलोअर्स भी उनके सफर को देख पा रहे थे. हालांकि, उनके अभियान में कुल कितने लोगों को खाना खिलाया गया या कितने लोगों की मदद की गई, इसका पूरा आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में नहीं मिलता.
मिस्टर बीस्ट से संपर्क होने का दावा?
माया के इस सफर में एक अहम मोड़ तब आया, जब उन्होंने दावा किया कि मिस्टर बीस्ट की तरफ से उनसे संपर्क किया गया है. 9 सितंबर 2026 की एक सोशल मीडिया पोस्ट में माया ने बताया कि मिस्टर बीस्ट ने उनसे ईमेल और वॉट्सअप की जानकारी मांगी है. इस पोस्ट के बाद उनके फॉलोअर्स के बीच उत्सुकता बढ़ गई. लोगों की दिलचस्पी इस बात में थी कि क्या माया की कोशिश रंग लाएगी और उन्हें दुनिया के इस मशहूर यूट्यूबर से मिलने का मौका मिलेगा. हालांकि, किसी की तरफ से संपर्क किए जाने की जानकारी और मुलाकात होने की पुष्टि दो अलग-अलग बातें हैं. इसलिए इस दावे को समझते समय दोनों के बीच अंतर करना जरूरी है.
माया गुप्ता ने कई रील पोस्ट कर बताया कि उनकी मुलाकात मिस्टर बीस्ट से होने वाली है. मिस्टर बीस्ट ने उनको मिलने को बुलाया है. वहीं, एक दूसरे रील में माया ने दिखाया कि मिस्टर बीस्ट से उनकी मुलाकात हो गई है. इसके साथ ही मिस्टर बीस्ट ने भी अपने चैनल पर माया गुप्ता से मुलाकात का वीडियो शेयर किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्टर बीस्ट ने उनके चैरिटी अभियान के लिए 10,000 डॉलर की मदद दी. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 8.3 लाख रुपये बैठती है.
कौन हैं मिस्टर बीस्ट, जिनसे मिलना चाहती थीं माया?
मिस्टर बीस्ट का असली नाम जिमी डोनाल्डसन है. वह दुनिया के लोकप्रिय यूट्यूबर में शामिल हैं. उनके वीडियो में बड़े-बड़े चैलेंज, प्रतियोगियों को पैसे देना, महंगे इनाम और अलग-अलग तरह के सामाजिक मदद के अभियान देखने को मिलते हैं. उनका चैरिटी संगठन बीस्ट फिलैन्थ्रॉपी भी जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े काम करता है. इसी वजह से मिस्टरबीस्ट का नाम केवल मनोरंजन वाले वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि चैरिटी से जुड़े कामों के साथ भी जुड़ा है. माया का अभियान भी जरूरतमंद लोगों की मदद पर केंद्रित था. ऐसे में मिस्टर बीस्ट से जुड़ने की उनकी कोशिश ने इस कहानी को लोगों के लिए और दिलचस्प बना दिया.
माया गुप्ता की कहानी का मुख्य पहलू यह है कि उन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद करने के अपने अभियान को 365 दिनों के लक्ष्य के रूप में सोशल मीडिया पर शेयर किया. इस दौरान उन्होंने अपने चैलेंज की गिनती बताई और मिस्टरबीस्ट से संपर्क होने का दावा भी किया. इसके बाद एक रिपोर्ट में उनकी मुलाकात और 10,000 डॉलर की मदद की खबर सामने आई. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मुलाकात किस जगह हुई, मदद किस माध्यम से दी गई और इस राशि का इस्तेमाल किस तरह किया जाना है.
नोट: Aajtak.in इस खबर की पुष्टि नहीं करता है. यह वायरल हो रहे वीडियो के आधार पर खबर लिखी गई है.