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पढ़ाई के साथ कमाई का जुगाड़! Blinkit में 6.5 घंटे काम कर लॉ स्टूडेंट ने कमाए इतने रुपये

कानून की पढ़ाई करने वाले कवल देसाई ने पार्ट टाइम कमाई के लिए ब्लिंकिट में डिलीवरी का काम शुरू किया. पहले दिन करीब साढ़े छह घंटे में 19 ऑर्डर पहुंचाए और 608 रुपये कमाए. 

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कवल की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी राय रखी. ( Photo: ITG)
कवल की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी राय रखी. ( Photo: ITG)

पढ़ाई के साथ अपने खर्चे निकालना आसान नहीं होता. कॉलेज की फीस और दूसरे जरूरी खर्चों के लिए कई छात्र पार्ट टाइम काम करते हैं. ऐसे ही एक लॉ स्टूडेंट ने अपनी पढ़ाई के साथ कमाई करने के लिए ब्लिंकिट में डिलीवरी का काम शुरू किया. उसने पहले ही दिन करीब साढ़े छह घंटे काम किया और 19 ऑर्डर लोगों के घर तक पहुंचाए. इसके बाद उसने सोशल मीडिया पर अपनी कमाई का हिसाब भी शेयर किया.

जनाें पहले दिन कितनी हुई कमाई 
इस छात्र का नाम कवल देसाई है. वह एलएलबी यानी कानून की पढ़ाई कर रहा है. उसने अपने निजी खर्चों को पूरा करने के लिए ब्लिंकिट में पार्ट टाइम डिलीवरी का काम शुरू किया. कवल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उसने पहले दिन करीब 6 घंटे 30 मिनट काम किया. इस दौरान उसने 19 ऑर्डर पहुंचाए. ऑर्डर की डिलीवरी के लिए उसने करीब 51 किलोमीटर स्कूटर चलाया. इसमें वापस लौटने की दूरी शामिल नहीं थी.

कवल के मुताबिक, उसे डिलीवरी के काम से 508 रुपये मिले. इस अमाउंट में 75 रुपये का इंसेंटिव भी शामिल था. इसके अलावा, तय लक्ष्य पूरा करने पर उसे 100 रुपये का बोनस मिला. इस तरह उसकी कुल कमाई 608 रुपये हुई.

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स्कूटर के खर्च पर नहीं लगे पैसे
कवल के पास एथर का इलेक्ट्रिक स्कूटर है. उसने बताया कि वह अपने स्कूटर को घर पर ही चार्ज करता है. इस वजह से उसे उस दिन स्कूटर चार्ज करने के लिए अलग से पैसे खर्च नहीं करने पड़े. कवल ने कहा कि उसे डिलीवरी का काम करना अच्छा लगा. हालांकि, उसे अपनी पढ़ाई के लिए भी समय निकालना था. इसके अलावा, स्कूटर की बैटरी भी कम हो रही थी. इसलिए उसने काम रोक दिया और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए लौट गया.

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सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
कवल की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी राय रखी. कुछ लोगों का कहना था कि डिलीवरी जैसे काम छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ अपने खर्चे निकालने का एक तरीका हो सकते हैं. वहीं, कुछ लोगों ने इस बात पर भी चर्चा की कि ऐसे काम को पार्ट टाइम कमाई के लिए शुरू किया जाता है, लेकिन कई बार लोगों को इसी पर पूरे समय निर्भर रहना पड़ता है.

एक दूसरे यूजर ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि उसने उबर बाइक राइडर और स्विगी डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम किया था, लेकिन इसके बावजूद वह एलएलबी में एडमिशन की फीस का इंतजाम नहीं कर पाया. कुल मिलाकर, कवल की कहानी दिखाती है कि कुछ छात्र अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए निजी खर्चों को पूरा करने के लिए पार्ट टाइम काम का सहारा ले रहे हैं. हालांकि, उसकी कमाई एक दिन के अनुभव पर आधारित है. इससे यह तय नहीं किया जा सकता कि हर डिलीवरी पार्टनर रोज इतनी ही कमाई करेगा.

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