सोचिए, ऐसी जॉब जहां सैलरी करोड़ों में हो और आवेदन करने के लिए कॉलेज की डिग्री अनिवार्य न हो. सुनने में यह किसी सपने जैसी नौकरी लग सकती है. लेकिन Google DeepMind की एक नई भर्ती पोस्ट ने टेक इंडस्ट्री में इसी वजह से चर्चा छेड़ दी है.
Google DeepMind की पोलारिस टीम AI कोडिंग एजेंट्स की जांच और उनकी क्षमता परखने के लिए इंजीनियर्स की तलाश कर रही है. इस पद के लिए सैलरी करीब 5.5 लाख डॉलर से 11 लाख डॉलर तक बताया गया है. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 4.6 करोड़ रुपये से 10.9 करोड़ रुपये तक बैठती है.
हालांकि, इस जॉब की चर्चा सिर्फ भारी-भरकम पैकेज की वजह से नहीं हो रही. सबसे ज्यादा ध्यान इस बात ने खींचा है कि उम्मीदवार के लिए कॉलेज की डिग्री जरूरी नहीं बताई गई है.
डिग्री नहीं, मुश्किल समस्याएं हल करने की क्षमता जरूरी
Google के इंजीनियर तमाय बेसिरोग्लू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नौकरी की जानकारी शेयर की. उन्होंने कहा कि टीम ऐसे बेहतरीन इंजीनियर्स की तलाश कर रही है, जिनके लिए डिग्री जरूरी नहीं है. उनके मुताबिक, सबसे अहम बात यह है कि उम्मीदवार तेज दिमाग वाला हो और कठिन समस्याओं को हल करने की क्षमता रखता हो. कंपनी का फोकस उम्मीदवार की डिग्री या पद से ज्यादा उसकी वास्तविक तकनीकी क्षमता पर है.
पोलारिस टीम ऐसे सिस्टम पर काम करती है, जिनसे एआई कोडिंग एजेंट्स को कठिन कोडिंग टास्क पर परखा जा सके. आसान शब्दों में कहें तो AI कितना लिखता है, कठिन समस्या को कैसे समझता है और उसका समाधान कितना प्रभावी है, यह जांचने के लिए नए तरीके विकसित किए जाते हैं.
10.9 करोड़ रुपये तक का पैकेज, लेकिन पूरी रकम सैलरी नहीं
इस नौकरी के पैकेज ने भी लोगों का ध्यान खींचा है. बताई गई रकम 5.5 लाख डॉलर से 11 लाख डॉलर तक है.इंडियन करेंसी में यह लगभग 4.6 करोड़ रुपये से 10.9 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है. हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. कुल मुआवजे का मतलब सिर्फ तय सैलरी नहीं होता. इसमें मूल वेतन के साथ बोनस और कंपनी के शेयर जैसे हिस्से भी शामिल हो सकते हैं.
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इसी मुद्दे पर सोशल मीडिया पर सवाल भी उठे. एक यूजर ने पैकेज को लेकर सवाल किया तो बेसिरोग्लू ने जवाब दिया कि बताए गए आंकड़े सही हैं, लेकिन शेयर वाले हिस्से को अलग तरीके से बताया गया है.
'डिग्री जरूरी नहीं' लेकिन नौकरी पाना आसान भी नहीं
अब कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यहीं से शुरू होता है.नौकरी के लिए डिग्री जरूरी नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि कोई भी व्यक्ति आसानी से इसमें चुन लिया जाएगा. इस पद के लिए मजबूत तकनीकी कौशल और कठिन समस्याओं को हल करने की क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है.
सोशल मीडिया पर बहस की वजह भी बनी. कुछ लोगों ने कहा कि कंपनियों को उम्मीदवार की क्षमता देखनी चाहिए, न कि उसकी डिग्री. लेकिन कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर डिग्री नहीं चाहिए तो फिर प्रतियोगी प्रोग्रामिंग और गणित की प्रतियोगिताओं जैसी उपलब्धियों को पसंदीदा योग्यता में क्यों रखा गया है?
नौकरी से जुड़ी पसंदीदा योग्यताओं में प्रतियोगी प्रोग्रामिंग और आईएमओ, यूएसएएमओ, पुटनम तथा इंटरनेशनल ओलंपियाड इन इन्फॉर्मेटिक्स जैसी प्रतियोगिताओं का अनुभव शामिल बताया गया है.एक यूजर ने इसी को लेकर तंज करते हुए सवाल उठाया कि अगर डिग्री की जरूरत नहीं है तो ऐसी प्रतियोगिताओं का अनुभव क्यों मांगा जा रहा है?
AI के दौर में बदल रही है नौकरी की तस्वीर?
Google DeepMind की यह भर्ती टेक इंडस्ट्री में एक पुराने सवाल को फिर सामने लाती है- क्या अच्छी नौकरी पाने के लिए कॉलेज की डिग्री जरूरी है?
टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई लोग बिना पारंपरिक डिग्री के प्रोग्रामिंग, ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स, अपने प्रोजेक्ट्स और व्यावहारिक अनुभव के जरिए अपनी पहचान बना चुके हैं.
हालांकि, Google DeepMind जैसी टीम में प्रवेश का स्तर काफी ऊंचा होना तय है. यहां डिग्री की जगह कौशल को महत्व देने का मतलब यह नहीं कि चयन आसान हो गया. उल्टा, उम्मीदवार को अपनी क्षमता और समस्या सुलझाने के कौशल को और मजबूती से साबित करना पड़ सकता है.
यही वजह है कि Google DeepMind की इस नौकरी को सिर्फ 'बिना डिग्री करोड़ों की नौकरी' के तौर पर देखना अधूरा होगा. असली संदेश यह है कि कुछ टेक भूमिकाओं में योग्यता की परिभाषा बदल रही है- डिग्री जरूरी नहीं, लेकिन काबिलियत साबित करना जरूरी है.