अच्छी पढ़ाई, बड़ी लॉ फर्म में नौकरी और शानदार करियर... ज्यादातर लोग जिंदगी में यही सब हासिल करने का सपना देखते हैं. लेकिन इंग्लैंड की मेडेलीन जे ने इन सबसे अलग रास्ता चुना. उन्होंने अपने सपनों का करियर छोड़ नेपाल के एक गांव में रहने वाले राम से शादी कर ली.
अब वह पहाड़ों और जंगलों के बीच एक साधारण जिंदगी जी रही हैं. यहां न फ्रिज है, न वॉशिंग मशीन और न ही नहाने के लिए गर्म पानी. लेकिन मेडेलीन का कहना है कि वह अपनी जिंदगी में पहले से कहीं ज्यादा खुश हैं.
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड के नॉटिंघम में पली-बढ़ीं मेडेलीन ने चार साल तक शेफील्ड में कानून की पढ़ाई की. उनका सपना किसी बड़ी लॉ फर्म में काम करके शानदार करियर बनाना था. लेकिन नेपाल घूमने के दौरान उनकी मुलाकात राम से हुई और दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया. इसके बाद मेडेलीन की जिंदगी की दिशा ही बदल गई.
दो हफ्ते में बनवा लिया प्रेमी के नाम का टैटू
मेडेलीन और राम की पहली मुलाकात नेपाल घूमने के दौरान एक मोमो कुकिंग क्लास में हुई थी. दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई. मेडेलीन को राम इतने पसंद आए कि उन्होंने महज दो हफ्ते के अंदर अपने शरीर पर उनके नाम का टैटू बनवा लिया.
दोनों अब शादी कर चुके हैं और उन्हें साथ रहते हुए करीब तीन साल हो चुके हैं. मई 2026 में मेडेलीन ने नेपाल में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से राम के साथ शादी की. इस खास मौके पर उनकी मां भी इंग्लैंड से नेपाल पहुंचीं और शादी की रस्मों में हिस्सा लिया.
मेडेलीन बताती हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की आजादी दी. उनकी मां ने भी कभी उनके फैसलों पर सवाल नहीं उठाए. वह खुद पहली बार यूरोप से बाहर निकली थीं और नेपाल जाकर उन्हें भी वहां की संस्कृति काफी पसंद आई.
महीने का खर्च सिर्फ 25 हजार रुपये
मेडेलीन की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव सिर्फ शादी नहीं, बल्कि रहन-सहन का तरीका भी है. इंग्लैंड में जहां लोग आरामदायक घरों और आधुनिक सुविधाओं के बीच रहते हैं, वहीं नेपाल में मेडेलीन और राम एक छोटे से गांव में रहते हैं. यहां उनकी जिंदगी काफी सादी है.
मेडेलीन के मुताबिक, नेपाल में उनका महीने का खर्च करीब 300 पाउंड यानी लगभग 25 हजार रुपये तक है. इसमें भी ज्यादातर खर्च ऐसी चीजों पर होता है, जिन्हें वह चाहें तो छोड़ सकती हैं.
वह बताती हैं कि नेपाल में दूध करीब 25 पेंस यानी लगभग 28 रुपये लीटर मिलता है. एक किलो चिकन की कीमत करीब 2.50 पाउंड यानी लगभग 280 रुपये है. वहीं, बाहर खाना खाने पर प्रति व्यक्ति करीब 1.50 से 2 पाउंड यानी लगभग 170 से 225 रुपये खर्च होते हैं.
मेडेलीन का कहना है कि नेपाल में जिंदगी इतनी सस्ती है कि वह साल के सिर्फ आधे समय काम करके भी पैसे बचा पाती हैं. इसी बचत की बदौलत उन्होंने महज 25 साल की उम्र में इंग्लैंड के यॉर्कशायर में करीब 1.70 लाख पाउंड यानी लगभग 1.9 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी भी खरीद ली.
न फ्रिज, न वॉशिंग मशीन, चूल्हे पर बनता है खाना
नेपाल के गांव में मेडेलीन और राम की जिंदगी शहरों से बिल्कुल अलग है. उनके घर में न फ्रिज है, न वॉशिंग मशीन और न ही नहाने के लिए गर्म पानी की सुविधा. घर में पारंपरिक एशियाई शैली का स्क्वाट टॉयलेट है, जिसमें बैठकर नहीं बल्कि उकड़ू होकर इस्तेमाल किया जाता है.
खाना बनाने के लिए दोनों आधुनिक गैस स्टोव के बजाय खुले चूल्हे पर निर्भर रहते हैं. पीने के लिए उन्हें हिमालय से आने वाला ताजा पानी मिलता है. उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में पहाड़ों की सैर, नदी में तैरना, मछली पकड़ना, चाय पीना और मोटरसाइकिल से घूमना शामिल है. कभी वे दोस्तों से मिलने जाते हैं, तो कभी पहाड़ों की तरफ निकल पड़ते हैं.
हालांकि, जंगल के करीब रहने के अपने खतरे भी हैं. उनके गांव में बाघ और तेंदुए घूमते हैं. रात में बाघ से बचाने के लिए उन्हें अपनी बकरियों और मुर्गियों को घर के अंदर रखना पड़ता है. मेडेलीन बताती हैं कि गांव के कई कुत्ते, बकरियां और मुर्गियां जंगली जानवरों का शिकार बन चुके हैं. उनके अपने दो पालतू कुत्तों की भी जान जा चुकी है.
इसके बावजूद वह इस जिंदगी से खुश हैं. उनका कहना है कि प्रकृति के करीब रहना और सादगी से जीना उन्हें अच्छा लगता है.
पिता की मौत ने बदल दी जिंदगी के मायने
मेडेलीन के इस फैसले के पीछे एक भावनात्मक वजह भी है. उनके पिता की 54 साल की उम्र में कैंसर से मौत हो गई थी. वह जिस जिंदगी के लिए सालों से मेहनत कर रहे थे, उसका आनंद लेने का मौका उन्हें नहीं मिला. मेडेलीन के मुताबिक, उनके पिता की मौत ने जिंदगी को देखने का नजरिया पूरी तरह बदल दिया.
वह बताती हैं कि पहले उनकी जिंदगी का प्लान बिल्कुल साफ था. यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करना, किसी बड़ी लॉ फर्म में नौकरी हासिल करना, खूब पैसा कमाना और सफल करियर बनाना. समाज में भी अक्सर इन्हीं चीजों को सफलता का पैमाना माना जाता है.
लेकिन पिता को खोने के बाद मेडेलीन को महसूस हुआ कि जिंदगी में समय की कीमत पैसे, पद और शोहरत से कहीं ज्यादा है. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने जिस जिंदगी को हासिल करने के लिए इतनी मेहनत की, उसका आनंद लेने से सिर्फ छह महीने पहले ही उनकी मौत हो गई. इस घटना ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर वह किस तरह की जिंदगी जीना चाहती हैं.
74 देशों की यात्रा कर चुकी हैं मेडेलीन
मेडेलीन के लिए नेपाल के गांव में रहना किसी मुश्किल चुनौती जैसा नहीं रहा. वह अब तक 74 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुकी हैं. इस दौरान उन्होंने कई जगहों पर कम खर्च में रहने, हिचहाइकिंग यानी अनजान लोगों से लिफ्ट लेकर सफर करने और काउचसर्फिंग के जरिए लोगों के घरों में ठहरने जैसे अनुभव हासिल किए.
वह कहती हैं कि उन्हें ऐसी जगहों पर जाना पसंद है, जहां आमतौर पर पर्यटक छुट्टियां मनाने नहीं जाते. वह अलग-अलग संस्कृतियों, लोगों और उनके रहन-सहन को करीब से समझना चाहती हैं. उनके लिए घूमने का मतलब सिर्फ अच्छे होटल में ठहरना और समुद्र किनारे धूप सेंकना नहीं है.
नेपाल में रहने के दौरान उन्होंने सीखा कि खाना कहां से आता है, जानवरों की देखभाल कैसे की जाती है और रोजमर्रा की जिंदगी में आध्यात्मिकता का क्या महत्व है.
मेडेलीन के मुताबिक, नेपाल में रहने से उन्हें छोटी-छोटी चीजों में खुशी तलाशना आया है. अब वह प्रकृति को पहले से अलग नजरिए से देखती हैं. यहां तक कि आसमान को देखने का उनका तरीका भी बदल गया है.
आधा समय इंग्लैंड, आधा नेपाल में बिताती हैं
मेडेलीन ने 2024 में कानून की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद से वह इंग्लैंड और नेपाल के बीच अपना समय बांटकर रह रही हैं. वह केयर सेक्टर में 6 से 12 हफ्ते तक काम करती हैं और फिर लगभग उतने ही समय के लिए छुट्टी लेकर नेपाल चली जाती हैं.
इसके अलावा वह अपना पर्सनल असिस्टेंट का काम भी करती हैं, जिसमें लोगों को 24 घंटे उनके घर पर रहकर देखभाल की सुविधा दी जाती है. मेडेलीन का कहना है कि उन्हें इंग्लैंड से भी बहुत प्यार है और वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं कि उनका जन्म वहां हुआ. लेकिन नेपाल ने उन्हें एक अलग तरह की खुशी दी है.
वह मानती हैं कि नेपाल में जिंदगी की धीमी रफ्तार ने उनके तनाव को कम किया है. साथ ही, यहां रहने से इंग्लैंड की छोटी-छोटी सुविधाओं की अहमियत भी समझ में आई है.
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फिलहाल मेडेलीन अपने पति के साथ नेपाल में ही जिंदगी का आनंद लेना चाहती हैं. हालांकि, वह भविष्य में दोबारा कानून के क्षेत्र में लौटने की संभावना से इनकार नहीं करतीं. दोनों की योजना नेपाल में भी प्रॉपर्टी खरीदने और आगे चलकर वहीं रिटायर होने की है.
मेडेलीन के लिए यह फैसला करियर से समझौता करना नहीं, बल्कि अपनी खुशी को प्राथमिकता देना है. उनका मानना है कि अगर उन्हें अपनी जिंदगी के फैसले दोबारा लेने का मौका मिले, तो वह आज भी यही रास्ता चुनेंगी.