दुबई के दुबई साउथ इलाके में रियल एस्टेट मार्केट ने 2026 के पहले आठ महीनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी ANAROCK रिसर्च की ताजा माइक्रो-मार्केट रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच यहां 12,428 रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी के सौदे हुए. ये संख्या 2025 में दर्ज 9,788 सौदों से 27% ज्यादा है यानी 2026 के सिर्फ आठ महीनों में ही पिछले पूरे साल की बिक्री का आंकड़ा पार हो गया.
घरों की बिक्री की संख्या के साथ कुल बिक्री वैल्यू में भी तेजी दर्ज की गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी-अगस्त 2026 के दौरान रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की कुल बिक्री वैल्यू 15.9 अरब दिरहम रही. ये 2025 में दर्ज 19.6 अरब दिरहम की कुल सालाना बिक्री वैल्यू का करीब 81% है. अगर पहले आठ महीनों की बिक्री की यही रफ्तार दिसंबर तक बनी रहती है, तो 2026 में कुल बिक्री वैल्यू करीब 23.9 अरब दिरहम तक पहुंच सकती है.
हालांकि, ये मौजूदा रफ्तार के आधार पर लगाया गया अनुमान है, ना कि ANAROCK का आधिकारिक फोरकास्ट. लंबे समय के आंकड़ों पर नजर डालें तो दुबई साउथ में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की सालाना बिक्री वैल्यू 2020 में सिर्फ 0.72 अरब दिरहम थी. 2025 में ये बढ़कर 19.6 अरब दिरहम हो गई यानी पांच साल में बिक्री वैल्यू करीब 27 गुना बढ़ी. इसी दौरान सालाना सौदों की संख्या 672 से बढ़कर 9,788 हो गई.
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स्टूडियो और 1-BHK की सबसे ज्यादा डिमांड
रिपोर्ट में घर खरीदने वालों की पसंद में बड़ा बदलाव भी सामने आया है. अब दुबई साउथ में छोटे और कम बजट वाले अपार्टमेंट की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है. जनवरी-अगस्त 2026 के दौरान कुल रेसिडेंशियल सौदों में स्टूडियो अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 45% रही. 2025 में यह 19.5% थी. वहीं, 1-BHK अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 31% रही. इस तरह स्टूडियो और 1-BHK मिलाकर कुल सौदों में करीब 76% हिस्सेदारी रखते हैं. कुल रेसिडेंशियल बिक्री में अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 94.5% तक पहुंच गई है. इससे साफ है कि इस इलाके में घर खरीदने वाले छोटे आकार के अपार्टमेंट को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
कीमत बढ़ी, लेकिन घर खरीदने का औसत बजट घटा
दुबई साउथ में प्रति वर्गफीट प्रॉपर्टी की औसत कीमत भी बढ़ी है. ANAROCK के मुताबिक, जनवरी-अगस्त 2026 में औसत कीमत 1,656 दिरहम प्रति वर्गफुट रही. 2020 में ये 650 दिरहम थी यानी इस अवधि में प्रति वर्गफीट औसत कीमत करीब ढाई गुना हो गई. इसके बावजूद एक प्रॉपर्टी खरीदने पर खर्च होने वाली औसत रकम घट गई है.
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2023 में औसत टिकट साइज 25.7 लाख दिरहम के पीक पर था, जो जनवरी-अगस्त 2026 में घटकर 12.8 लाख दिरहम रह गया. ANAROCK के मुताबिक, इसकी मुख्य वजह छोटे आकार के घरों की बढ़ती बिक्री है. स्टूडियो और 1-BHK जैसे अपार्टमेंट की हिस्सेदारी बढ़ने से प्रति प्रॉपर्टी औसत खरीद रकम कम हुई है. इसका मतलब ये नहीं है कि पूरे बाजार में घरों की कीमतें गिर गई हैं.
निर्माणाधीन घरों के 94% सौदे
दुबई साउथ में निर्माणाधीन प्रॉपर्टी की बिक्री का दबदबा भी बना हुआ है. जनवरी-अगस्त 2026 में कुल रेसिडेंशियल सौदों में 94% हिस्सेदारी ऑफ-प्लान प्रॉपर्टी की रही. ऑफ-प्लान उन घरों को कहा जाता है, जिनकी खरीदारी निर्माण पूरा होने से पहले की जाती है. 2020 में इस तरह के सौदों की हिस्सेदारी 73% थी. ANAROCK के मुताबिक, दुबई साउथ का बाजार अभी नए प्रोजेक्ट लॉन्च होने और उनकी बिक्री के दौर में है. रेडी-टू-मूव और सेकेंडरी मार्केट की हिस्सेदारी अभी सीमित है.
किराये में भी बढ़ोतरी, निवेशकों की दिलचस्पी
दुबई साउथ में किराये का बाजार भी बढ़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में यहां औसत सालाना किराया 34,534 दिरहम था, जो जनवरी-अगस्त 2026 में बढ़कर 82,063 दिरहम हो गया. इस दौरान किराये से जुड़े ट्रांजैक्शन की संख्या भी 2020 के मुकाबले चार गुना हो गई. रिपोर्ट में 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, अपार्टमेंट की ग्रॉस रेंटल यील्ड 4.3% रही. टाउनहाउस के लिए ये 3.4% और विला के लिए 3% थी. सभी तरह की रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी की औसत ग्रॉस रेंटल यील्ड 3.9% रही.
2027-2029 के बीच 38,116 घरों की डिलीवरी
दुबई साउथ में आने वाले सालों में प्रॉपर्टी की सप्लाई बढ़ने वाली है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 से 2029 के बीच यहां 38,116 यूनिट्स का हैंडओवर निर्धारित है. ये 2016 से 2026 के बीच अब तक डिलीवर हुई 10,813 यूनिट्स के मुकाबले 3.5 गुना से भी ज्यादा है.
2028 में सबसे ज्यादा 16,094 यूनिट्स की डिलीवरी निर्धारित है. निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में अपार्टमेंट की हिस्सेदारी 85% है, जबकि तैयार प्रॉपर्टी में ये हिस्सेदारी 59% है. ANAROCK के रेसिडेंशियल, मिडिल ईस्ट के सीईओ आयुष पुरी के मुताबिक, दुबई साउथ में सिर्फ आठ महीनों में पूरे 2025 से ज्यादा घरों के सौदे हो चुके हैं. छोटे अपार्टमेंट की बढ़ती डिमांड ने इस इलाके में घर खरीदने वालों का दायरा बढ़ाया है.
हालांकि, आने वाले तीन साल में बड़ी संख्या में घरों की डिलीवरी बाजार के लिए अहम चुनौती होगी. अगर डिमांड इसी रफ्तार से बनी रहती है, तो नई सप्लाई को बाजार में खपाना आसान हो सकता है. लेकिन सप्लाई बढ़ने के मुकाबले डिमांड धीमी पड़ती है, तो बाजार के सामने दबाव आ सकता है.
दुबई साउथ में अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विस्तार और बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की योजनाएं भी इस इलाके के लंबे समय के विकास से जुड़ी हैं. हालांकि, एयरपोर्ट की प्रस्तावित क्षमता को उसकी मौजूदा ऑपरेशनल क्षमता नहीं माना जाना चाहिए. आने वाले सालों में घरों की बिक्री, किराये की डिमांड और नई सप्लाई का संतुलन इस बाजार की दिशा तय करेगा.