आमतौर पर जासूसों की दुनिया फिल्मों में देखने को मिलती है. वहां जासूस कभी दुश्मन देश की जानकारी जुटाते नजर आते हैं तो कभी खुफिया मिशन पर जाते हैं. लेकिन अब एक देश में लोगों के बीच जासूस बनने का ऐसा क्रेज देखने को मिला है कि महज 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा लोगों ने इसके लिए आवेदन कर दिया. खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए सरकार ने पहली बार आम लोगों के लिए दरवाजे खोले हैं. यानी जिन लोगों को पहले से जासूसी के काम का कोई अनुभव नहीं है, वे भी आवेदन कर सकते हैं.
यह मामला दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना का है. यहां की खुफिया एजेंसी ने नए लोगों की भर्ती के लिए सार्वजनिक अभियान शुरू किया है. एजेंसी को उम्मीद नहीं थी कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस काम में दिलचस्पी दिखाएंगे. लेकिन भर्ती शुरू होने के पहले ही दिन 40 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंच गए.
पहली बार आम लोगों को मिला जासूस बनने का मौका
अर्जेंटीना की खुफिया एजेंसी का नाम स्टेट इंटेलिजेंस सेक्रेटेरिएट (SIDE) है. इस एजेंसी ने 3 नवंबर को भर्ती अभियान शुरू किया. इसके तहत अर्जेंटीना के नागरिकों को देश की खुफिया सेवा से जुड़ने का मौका दिया जा रहा है. इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि आवेदन करने के लिए पहले से जासूसी या सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने का अनुभव होना जरूरी नहीं है. एजेंसी ऐसे लोगों को भी मौका देना चाहती है, जो पढ़ाई या दूसरे पेशों से जुड़े हैं और जिनमें खुफिया जानकारी जुटाने और उसका विश्लेषण करने की क्षमता है.
भर्ती अभियान के प्रचार के लिए राजधानी ब्यूनस आयर्स की सड़कों और कई विश्वविद्यालयों के आसपास पोस्टर भी लगाए गए. इन पोस्टरों पर 'हम सबसे बेहतरीन लोगों की तलाश कर रहे हैं' जैसा संदेश लिखा गया. पोस्टर का अंदाज अमेरिका के मशहूर अंकल सैम भर्ती पोस्टर से मिलता-जुलता रखा गया है.
24 घंटे में मिले 40 हजार से ज्यादा आवेदन
एजेंसी ने जब भर्ती शुरू की तो उसे लोगों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली. स्टेट इंटेलिजेंस सेक्रेटेरिएट (SIDE) ने बताया कि पहले ही 24 घंटे में उसे 40 हजार से ज्यादा आवेदन मिल चुके थे. एजेंसी ने भर्ती के साथ यह भी साफ किया कि खुफिया विभाग में काम करना फिल्मों जैसा रोमांचक नहीं होता. यहां काम के घंटे तय नहीं होते, जिम्मेदारियां काफी कठिन होती हैं और कई तरह के जोखिम भी रहते हैं. इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने इस नौकरी में दिलचस्पी दिखाई. इस भर्ती अभियान का मकसद खुफिया विभाग में काम करने के तरीके को ज्यादा पेशेवर बनाना और योग्यता के आधार पर नए लोगों को मौका देना है.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस भर्ती के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं. आवेदन करने वाले व्यक्ति को अर्जेंटीना का नागरिक होना चाहिए और उसकी स्कूली पढ़ाई पूरी होनी चाहिए. इसके अलावा उम्मीदवार को जरूरत पड़ने पर राजधानी ब्यूनस आयर्स में रहने या वहां शिफ्ट होने के लिए तैयार रहना होगा. उम्मीदवारों को मेडिकल जांच, शारीरिक क्षमता की जांच और मनोवैज्ञानिक टेस्ट से भी गुजरना होगा. इसके अलावा उनकी सुरक्षा जांच की जाएगी, जिसमें पुराने रिकॉर्ड और पृष्ठभूमि की जानकारी देखी जाएगी. खास बात यह है कि इसके लिए किसी खास विषय में डिग्री या पहले से खुफिया विभाग में काम करने का अनुभव अनिवार्य नहीं रखा गया है.
किन कामों के लिए होगी भर्ती?
खुफिया विभाग को सिर्फ ऐसे लोगों की जरूरत नहीं है जो किसी मिशन पर जाकर जानकारी जुटाएं. इस काम में कई तरह की विशेषज्ञता की जरूरत होती है. इसलिए एजेंसी अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को शामिल करना चाहती है.
भर्ती में इन क्षेत्रों से जुड़े उम्मीदवारों को मौका मिल सकता है:
रणनीतिक विश्लेषण: देश और दुनिया से जुड़ी अहम जानकारियों को समझना और उनका विश्लेषण करना.
साइबर इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी: इंटरनेट, कंप्यूटर और डिजिटल दुनिया से जुड़ी खुफिया जानकारी पर काम करना.
भाषाएं और क्षेत्रीय जानकारी: दूसरी भाषाओं और अलग-अलग देशों के बारे में जानकारी रखना.
ऑपरेशन: खुफिया विभाग के कामकाज और मिशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालना.
काउंटर इंटेलिजेंस: दूसरे देशों या संगठनों की जासूसी गतिविधियों का पता लगाना और उनसे देश की सुरक्षा करना.
सुरक्षा: संवेदनशील जानकारी और विभाग की सुरक्षा से जुड़े काम करना.
कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?
इस भर्ती में आवेदन करने वाले सभी लोगों को सीधे नौकरी नहीं मिलेगी. इसके लिए कई चरणों में चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
1. पहला चरण: सबसे पहले उम्मीदवारों की प्रोफाइल और आवेदन की जांच होगी.
2. दूसरा चरण: शुरुआती जांच में योग्य पाए गए लोगों को ऑनलाइन सामान्य ज्ञान की परीक्षा देनी होगी.
3. तीसरा चरण: परीक्षा पास करने वालों को लिखित परीक्षा, शारीरिक जांच और मनोवैज्ञानिक टेस्ट से गुजरना होगा.
4. चौथा चरण: इसके बाद उम्मीदवारों का व्यक्तिगत इंटरव्यू लिया जाएगा.
5. आखिरी चरण: बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को नेशनल इंटेलिजेंस स्कूल में शुरुआती ट्रेनिंग का मौका मिल सकता है.
इस ट्रेनिंग में उम्मीदवारों को खुफिया विभाग के कामकाज और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों के बारे में सिखाया जाएगा. हालांकि, ट्रेनिंग पूरी करने का मतलब यह नहीं है कि हर उम्मीदवार को नौकरी मिल ही जाएगी. अंतिम चयन उम्मीदवार के प्रदर्शन और विभाग में उपलब्ध पदों के आधार पर होगा.
कितनी मिलेगी सैलरी, कितने पद हैं खाली?
इस भर्ती को लेकर लोगों के मन में एक सवाल यह भी है कि जासूस बनने पर कितनी सैलरी मिलेगी और कुल कितने लोगों को नौकरी दी जाएगी. फिलहाल अर्जेंटीना की खुफिया एजेंसी ने इन दोनों बातों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. यानी 40 हजार से ज्यादा आवेदन मिलने के बावजूद अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने लोगों को ट्रेनिंग और नौकरी का मौका मिलेगा. आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर रखी गई है.
भर्ती को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
अर्जेंटीना की यह भर्ती इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आमतौर पर खुफिया एजेंसियां अपने यहां कर्मचारियों की भर्ती के लिए सार्वजनिक रूप से इतना बड़ा अभियान नहीं चलाती हैं. इस बार एजेंसी ने खुद पोस्टर लगाकर और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आवेदन करने के लिए बुलाया है. हालांकि, इस तरीके पर कुछ पूर्व अधिकारियों ने सवाल भी उठाए हैं. उनका मानना है कि खुफिया विभाग का काम बेहद गोपनीय होता है, ऐसे में इतनी सार्वजनिक तरीके से भर्ती करना कितना सही है, इस पर चर्चा होनी चाहिए.
फिलहाल 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा आवेदन मिलना इस बात का संकेत है कि लोगों के बीच इस तरह के काम को लेकर काफी दिलचस्पी है. लेकिन इन आवेदनों में से कितने लोग असल में खुफिया एजेंसी का हिस्सा बन पाएंगे, यह चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पता चलेगा. यह भर्ती केवल अर्जेंटीना के नागरिकों के लिए है. भारतीय नागरिक इस भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर सकते.