Ladakh Zanskar Valley: बॉलीवुड एक्टर सनी देओल एक खूबसूरत लोकेशन पर छुट्टियां मना रहे हैं, जहां से उन्होंने अपना एक वीडियो शेयर किया है. उनका वीडियो आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें वो वहां के लोकल लोगों के साथ में नजर आ रहे हैं. सनी के पीछे की शानदार लोकेशन हर किसी का दिल जीत लिया है और उनके साथ में वहां के लोकल लोग भी दिखाई दे रहे हैं.
सनी देओल ने भले ही अपनी लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं दी है, मगर उनके पीछे की लोकेशन और लोगों को देखकर ही लोग समझ गए हैं कि वो लद्दाख में छुट्टियां मना रहे हैं. लद्दाख के एक शख्स ने तो उनकी पोस्ट पर कमेटं करते हुए लिखा, 'लद्दाख की ज़ांस्कर घाटी में आपका स्वागत है.'
हिमाचल-उत्तराखंड और कश्मीर के अलावा लद्दाख भी बेहद खूबसूरत है, मगर अक्सर लोग इस जगह को एक्सप्लोर करना मिस कर देते हैं. लद्दाख में सिर्फ पैंगोंग लेक के बारे में ही जानते हैं और उसे देखकर ही वापस लौंट आते हैं, लेकिन लद्दाख में कई ऑफबीट घाटियां, गांव और मठ हैं, जिनकी अनछुई नेचुरल ब्यूटी आपको हैरान कर देगी. ऐसी ही जगह जांस्कर घाटी है, जो ट्रांस हिमालय क्षेत्र के अंदर आने वाली जांस्कर वैली की सीमाएं हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के आसपास के इलाकों से जोड़ती है.अगर आप ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो आपको एक बार जरूर इस जगह की सैर करनी चाहिए.
जांस्कर वैली क्यों है खास?
लद्दाख के कारगिल जिले में 3,500 से 4,000 मीटर की ऊंचाई पर बसी इस घाटी तक आप सिर्फ जून से अक्तूबर के महीने तक ही सड़क के रास्ते से आ सकते हैं,क्योंकि साल के आधे से ज्यादा समय तो यह जगह बर्फ की चादर से ढकी रहती है. यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जो ट्रेकिंग, मठों और ज़ांस्कर नदी का मजा लेना चाहते हैं. यह इसलिए भी खास है, क्योंकि एक तरफ जांस्कर पर्वतमाला और दूसरी तरफ हिमालय पर्वतमाला से घिरी हुई है.
जांस्कर वैली में घूमने के लिए काफी खूबसूरत जगहें मौजूद हैं, जिन्हें आप इस अक्तूबर एक्सप्लोर कर सकते हैं. अगर आप वहां जाने का मन बना रहे हैं तो आइए वहां के कुछ टॉप स्पॉट्स के बारे में जानते हैं, जिन्हें आप बिल्कुल भी एक्सप्लोर करना मिस न करें.
फुगताल मोनेस्ट्री
जांस्कर घाटी में समुद्र तल से लगभग 3,850 मीटर की ऊंचाई पर बेहद पुरानी और फेमस बौद्ध गुफा मठ फुगताल है. जहां तक पहुंचने के लिए आपको ट्रैकिंग करनी पड़ेगी, लेकिन वहां का नजारा देखकर आप अपनी सारी थकान भूल जाएंगे.
पदुम गांव
जांस्कर क्षेत्र का मुख्य शहर और प्रशासनिक केंद्र पदुम गांव है, यह ऐतिहासिक रूप से प्राचीन ज़ांस्कर साम्राज्य की दो राजधानियों में से एक रहा है. बौद्ध गुरु पद्मसंभव के नाम पर इस जगह का नाम 'पदुम' पड़ा था. यह चारों तरफ से ऊंचे हिमालयी पहाड़ों और खूबसूरत खुली घाटियों से घिरा हुआ है.
जांस्कर नदी
यह लद्दाख क्षेत्र की एक प्रमुख और खूबसूरत नदी है, जो सिंधु नदी की एक सहायक नदी है. सर्दियों के मौसम में जमी हुई इस नदी पर होने वाली फेमस चादर ट्रेक के लिए यह दुनिया भर में जानी जाती है.
जांगला फोर्ट
जांगला किला लद्दाख के जांस्कर वैली में स्थित एक ऐतिहासिक और प्राचीन किला है, जो अतीत में जांस्कर के शाही परिवार की सीट रहा है. यह किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जहां से आसपास की वादियों का बेहद खूबसूरत नज़ारा दिखाई देता है.
शिंगो ला पास
शिंगो ला समुद्र तल से लगभग 16,580 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक प्रमुख पहाड़ी दर्रा है, जो लद्दाख की जांस्कर घाटी को हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी से जोड़ता है.यहां सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा बनाई जा रही सुरंग से लद्दाख के लिए हर मौसम में खुली रहने वाली कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी.
जांस्कर घाटी कैसे पहुंचे?
जांस्कर घाटी की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो यहां पहुंचने के लिए कोई डायरेक्ट प्लाइट या ट्रेन नहीं है. यहां आने के लिए अपने शहर से श्रीनगर, कुल्लू या लेह पहुंच जाएं, उसके बाद रोड जर्नी के जरिए ही आप इस घाटी तक पहुंच सकते हैं.