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Land of White Orchids: दार्जिलिंग के पास छिपा है ये शांत हिल स्टेशन, दोस्तों संग अक्टूबर में घूमने का बनाएं प्लान

मनाली और शिमला की भीड़ से अलग इस अक्टूबर कुर्सियांग घूमने का प्लान बनाएं. पश्चिम बंगाल का यह शांत हिल स्टेशन लैंड ऑफ व्हाइट ऑर्किड के नाम से मशहूर है. यहां चाय के बागान, हरे-भरे पहाड़, डाउ हिल, ईगल्स क्रैग और खूबसूरत वादियां 2 दिन की ट्रिप को यादगार बना सकती हैं.

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बंगाल के पहाड़ी इलाकों की सैर करें. (PHOTO:ITG
बंगाल के पहाड़ी इलाकों की सैर करें. (PHOTO:ITG

Land of White Orchids Kurseong: अक्टूबर में अगर आप घूमने का मन बना रहे हैं और  हर बार पहाड़ों पर घूमने के नाम पर मनाली और शिमला देखकर बोर हो चुके हैं. इस बार कुछ अलग और शांत जगह तलाश रहे हैं, तो आप हिमाचल-उत्तराखंड को छोड़कर पश्चिम बंगाल की इस छिपे हुए हिल स्टेशन की सैर कर सकते हैं. भारत के कोने-कोने में खूबसूरती छिपी है और यह बेहद शांत हिल स्टेशन इस बात की गवाही देता है, जहां आने के बाद आपका यहां से जाने का मन नहीं करेगा.  

पश्चिम बंगाल का नाम सुनते ही लोग दार्जिलिंग के बारे में सोचने लगते हैं, लेकिन अक्सर ही इस शानदार लोकेशन को मिस कर जाते हैं. हम दार्जिलिंग से लगभग 30 से 31 किलोमीटर दूर स्थित कुर्सियांग की बात कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल का यह छोटा सा हिल स्टेशन हरे-भरे पहाड़ों, चाय के बागानों, घने जंगलों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है.

लैंड ऑफ व्हाइट ऑर्किड

कुर्सियांग की खासियत यह है कि यहां पर आपको मनाली, शिमला और मसूरी जैसी भीड़भाड़ नहीं मिलेगी. समुद्र तल से लगभग 4,864 फीट की ऊंचाई पर स्थित कुर्सियांग को लैंड ऑफ व्हाइट ऑर्किड भी कहा जाता है. कुर्सियांग की पहाड़ियों और वादियों में सफेद रंग के ऑर्किड  के फूल प्राकृतिक रूप से बहुत अधिक मात्रा में खिलते हैं, इसलिए इसे सफेद ऑर्किड की भूमि कहा जाता है. अगर आप यहां आने का प्लान बना रहे हैं तो जान लीजिए कि यह जगह सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग के बीच में पड़ती है. 

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किन लोगों के लिए बेस्ट है कुर्सियांग

कुर्सियांग उन लोगों के लिए खास टूरिस्ट स्पॉट बन सकता है, जो छुट्टियों में ज्यादा घूमने के बजाय शांत और वादियों के बीच समय बिताना चाहते हैं. अगर आप चाय के बागानों के बीच टहलने और शांत जगह पर कुछ वक्त बिताना पसंद करते हैं तो यह प्लेस आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं होने वाली है. दोस्तों, कपल्स या परिवार के साथ 2 दिन का छोटा ट्रिप भी यहां प्लान किया जा सकता है.

कुर्सियांग में क्या खास है?

कुर्सियांग घूमने से ज्यादा फील करने की जगह है, इस ऑफबीट पहाड़ी इलाके में आपको अलग ही शांति महसूस होगी. ऑफिस की टेंशन से फ्री होकर कुछ समय अपने साथ बिताने वालों के लिए भी यह जगह बेहतरीन है. यहां आप चाय के बागान और पहाड़ी नजारों के अलावा पागला झोरा झरने का भी मजा ले सकते हैं.

कर्सियांग में कहां-कहां घूमें?

ईगल्स क्रैग: कुर्सियांग के प्रमुख व्यू पॉइंट्स में शामिल ईगल्स क्रैग से आसपास की पहाड़ियों और घाटियों के खूबसूरत नजारे देखे जा सकते हैं. सुबह या शाम यहां का व्यू सबसे हटकर होता है.

मकाईबाड़ी टी एस्टेट: कुर्सियांग की पहचान उसके चाय के बागानों से भी है. मकाईबाड़ी टी एस्टेट में हरे-भरे चाय के पौधों के बीच घूमने का अनुभव ट्रिप को खास बना सकता है.

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डाउ हिल: हरियाली और शांत माहौल पसंद करने वालों के लिए डाउ हिल घूमने के लिए शानदार जगह है. यहां घने जंगल और पहाड़ी वातावरण का मजा लिया जा सकता है. हालांकि इसे भारत का सबसे डरावना हिल स्टेशन भी कहा जाता है और इसके जंगलों में रात के समय जाना भी मना है.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस म्यूजियम: नेताजी के बारे में आपने किताबों में तो काफी कुछ पढ़ा होगा और अगर आप उनकी लाइफ के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो इतिहास में रुचि रखने वाले लोग इस म्यूजियम को अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं. यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी यादों और इतिहास से जुड़ा है.

गिद्दा पहाड़: गिद्दा पहाड़ इलाके में भी पहाड़ी नजारे और हरियाली देखने को मिलती है. यहां आसपास घूमते हुए कुर्सियांग के शांत माहौल को महसूस किया जा सकता है.

2 दिन का ट्रिप कैसे प्लान करें?

पहले दिन कर्सियांग पहुंचकर होटल या होमस्टे में चेक-इन करें. इसके बाद ईगल्स क्रैग और आसपास की जगहें घूम सकते हैं. शाम को लोकल बाजार में घूमने और लोकल खाना ट्राई करें. दूसरे दिन सुबह चाय के बागान और डाउ हिल जैसी जगहों पर जाएं. इसके बाद लंच करके वापस लौटने की तैयारी कर सकते हैं. 

दिल्ली से कर्सियांग कैसे पहुंचें?

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दिल्ली समेत देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले यात्रियों के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट या न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंचना सुविधाजनक हो सकता है. वहां से सड़क मार्ग के जरिए कर्सियांग जाया जा सकता है. शेयर टैक्सी और कैब जैसे ऑप्शन भी मिलते हैं.

किस समय जाना होगा सही?

गर्मियों में यहां का मौसम मैदानी इलाकों की तुलना में सुहावना रहता है. सर्दियों में तापमान कम हो जाता है, इसलिए गर्म कपड़े जरूरी हैं. मानसून में पहाड़ी इलाकों में बारिश और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखकर यात्रा प्लान करनी चाहिए. हालांकि अक्टूबर का महीना यहां जाने के लिए सही माना जाता है, क्योंकि इस मौसम में न ज्यादा गर्मी, न बारिश और न ही ठंड होती है. 

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