Floating Places in India: भारत अपनी खूबसूरत और अलग-अलग तरह की भौगोलिक जगहों के लिए जाना जाता है. यहां पहाड़ों से लेकर रेगिस्तान और समुद्र से लेकर घने जंगल तक, हर तरह के नजारे देखने को मिलते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां पानी सिर्फ घूमने-फिरने का खूबसूरत नजारा नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा है. यहां रहने वाले लोगों के घर, काम, खेती और आने-जाने का तरीका तक पानी से जुड़ा हुआ है. कहीं झील के ऊपर तैरते बगीचे नजर आते हैं तो कहीं नाव लोगों के लिए आने-जाने का मुख्य साधन है. इन जगहों की अनोखी लाइफस्टाइल और खूबसूरत नजारे इन्हें बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाते हैं. तो आइए जानते हैं भारत की ऐसी ही 4 अनोखी जगहों के बारे में, जहां पानी के बीच बसी है एक अलग दुनिया.
लोकटक झील (मणिपुर)
मणिपुर की लोकटक झील भारत की सबसे अनोखी झीलों में से एक है. यह झील फुमदी (Phumdis) के लिए जानी जाती है. फुमदी पानी पर तैरने वाले घास, मिट्टी और जैविक पदार्थों से बने बड़े-बड़े टुकड़े होते हैं. इन्हें देखकर ऐसा लगता है जैसे पानी के ऊपर जमीन तैर रही हो.
यहां रहने वाले कई लोगों की जिंदगी मछली पकड़ने और झील से जुड़े दूसरे कामों पर निर्भर है. झील के कुछ हिस्सों में छोटी नावें और झोपड़ियां भी नजर आती हैं.
डल झील (श्रीनगर)
कश्मीर की डल झील का नाम आते ही सबसे पहले शिकारे और हाउसबोट का ख्याल आता है. लेकिन यह झील सिर्फ पर्यटकों के घूमने की जगह नहीं है. यहां कई लोगों का काम और रोजमर्रा की जिंदगी भी झील से जुड़ी हुई है.
डल झील में तैरते हुए बगीचे भी देखने को मिलते हैं, जहां सब्जियां उगाई जाती हैं. नावों के जरिए इन सब्जियों को बाजार तक पहुंचाया जाता है. सुबह के समय झील पर लगने वाला सब्जियों का तैरता बाजार यहां का खास आकर्षण है.
माजुली (असम)
असम का माजुली एक नदी द्वीप है जो ब्रह्मपुत्र नदी से घिरा हुआ है. यहां रहने वाले लोगों की जिंदगी नदी के उतार-चढ़ाव से काफी प्रभावित होती है. बारिश के मौसम में बाढ़, नदी का कटाव और बदलते जलमार्ग यहां की जिंदगी का हिस्सा हैं.
यहां खेती, मछली पकड़ना और नावों के जरिए आने-जाने का काम काफी महत्वपूर्ण है. माजुली असम की वैष्णव संस्कृति के लिए भी जाना जाता है. यहां कई सत्र हैं, जहां पारंपरिक कला, संगीत और मुखौटा बनाने जैसी परंपराएं देखने को मिलती हैं.
सुंदरबन (पश्चिम बंगाल)
पश्चिम बंगाल का सुंदरबन दुनिया के बड़े मैंग्रोव डेल्टा इलाकों में शामिल है. यहां कई गांव नदियों, छोटी धाराओं और ज्वारीय जलमार्गों के बीच बसे हुए हैं. इसलिए यहां जमीन और पानी के बीच की दूरी कई बार बहुत कम नजर आती है.
कई इलाकों में नाव आने-जाने का अहम साधन है. यहां रहने वाले लोग मछली पकड़ने, केकड़े इकट्ठा करने, शहद निकालने और खेती जैसे कामों से जुड़े हैं.
हालांकि, पानी के बीच रहना यहां हमेशा आसान नहीं होता. चक्रवात, बाढ़, नदी का कटाव और बढ़ती लवणता जैसी समस्याएं लोगों के घरों और रोजी-रोटी को प्रभावित करती हैं.