Gujarat 15 Days Trip Plan: गुजरात भारत का एक ऐसा राज्य है, जहां घूमने के लिए कई खूबसूरत और ऐतिहासिक जगहें मौजूद हैं. यहां आपको एक तरफ विशाल सफेद रेगिस्तान देखने को मिलेगा तो दूसरी तरफ खूबसूरत समुद्री किनारे, प्राचीन मंदिर, ऐतिहासिक किले और वन्यजीव अभयारण्य भी मिलेंगे. गुजरात की खास बात यह है कि यहां घूमने के साथ-साथ आप राज्य की संस्कृति, खानपान और इतिहास को भी करीब से जान सकते हैं.
अगर आप इस बार लंबी छुट्टियों में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो गुजरात आपके लिए बेस्ट जगह हो सकता है. यहां की कई खास जगहों को देखने के लिए आप 15 दिनों का ट्रिप प्लान बना सकते हैं. इस दौरान आप अहमदाबाद से लेकर कच्छ, द्वारका, सोमनाथ और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक घूम सकते हैं. आइए जानते हैं कि 15 दिनों में गुजरात की सैर कैसे कर सकते हैं.
पहला और दूसरा दिन: अहमदाबाद (Ahmedabad)
गुजरात की यात्रा की शुरुआत आप अहमदाबाद से कर सकते हैं. यहां आपको इतिहास और आधुनिकता का अच्छा मेल देखने को मिलेगा. शहर में साबरमती आश्रम, साबरमती रिवरफ्रंट, अडालज की बावड़ी और अक्षरधाम मंदिर घूमने जा सकते हैं. इसके अलावा यहां के स्थानीय बाजारों में खरीदारी करने और गुजराती ढोकला, खाखरा व फाफड़ा का स्वाद लेने का मौका भी मिलेगा.
तीसरा दिन: मोढेरा और पाटन (Modhera and Patan)
तीसरे दिन अहमदाबाद से मोढेरा और पाटन घूमने जा सकते हैं. मोढेरा का सूर्य मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला के लिए जाना जाता है. इसके बाद पाटन जाएं, जहां रानी की वाव देखने को मिलेगी. यह ऐतिहासिक बावड़ी अपनी खूबसूरत नक्काशी के लिए मशहूर है और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. शाम तक आप अहमदाबाद लौट सकते हैं या अपनी आगे की यात्रा के लिए भुज की ओर निकल सकते हैं.
चौथा दिन: भुज (Bhuj)
गुजरात के कच्छ जिले में स्थित भुज अपनी संस्कृति, हस्तशिल्प और ऐतिहासिक इमारतों के लिए मशहूर है. यहां आप आइना महल, प्राग महल और हमीरसर झील घूम सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय बाजारों में कच्छ की पारंपरिक कढ़ाई वाले कपड़े, बैग और दूसरी हस्तशिल्प चीजें खरीद सकते हैं.
पांचवां दिन: कच्छ का सफेद रण (White Rann of Kutch)
कच्छ का सफेद रण गुजरात की सबसे खास जगहों में से एक है. यहां दूर-दूर तक फैली सफेद नमक की जमीन किसी सफेद चादर जैसी दिखाई देती है. खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा बेहद खूबसूरत लगता है. आप यहां ऊंट की सवारी, स्थानीय लोक संगीत और कच्छी संस्कृति का आनंद ले सकते हैं. सर्दियों में यहां रण उत्सव भी आयोजित किया जाता है.
छठा दिन: धोलावीरा (Dholavira)
अगर आपको इतिहास और पुरानी सभ्यताओं के बारे में जानना पसंद है तो धोलावीरा जरूर जाएं. यह सिंधु घाटी सभ्यता का एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है. यहां आपको हजारों साल पुराने शहर के अवशेष, पानी जमा करने की व्यवस्था और प्राचीन निर्माण शैली देखने को मिलेगी. इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जगह काफी खास है.
सातवां दिन: मांडवी (Mandvi)
कच्छ की यात्रा के दौरान मांडवी बीच घूमने जा सकते हैं. यहां का समुद्र किनारा, सुनहरी रेत और शांत माहौल आपको पसंद आएगा. इसके अलावा यहां विजय विलास पैलेस भी देख सकते हैं, जो अपनी खूबसूरत वास्तुकला के लिए जाना जाता है. समुद्र किनारे समय बिताने और तस्वीरें लेने के लिए यह अच्छी जगह है.
आठवां दिन: जामनगर (Jamnagar)
आठवें दिन आप जामनगर पहुंच सकते हैं. यहां का लाखोटा किला और लाखोटा झील घूमने लायक जगहें हैं. इसके अलावा मरीन नेशनल पार्क भी यहां का खास आकर्षण है. यहां समुद्री जीवों और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का मौका मिलता है. हालांकि, मरीन नेशनल पार्क घूमने के लिए ज्वार-भाटा और स्थानीय अनुमति से जुड़ी जानकारी पहले जरूर लें.
नौवां और दसवां दिन: द्वारका (Dwarka)
द्वारका गुजरात के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक है. यहां भगवान कृष्ण को समर्पित द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन कर सकते हैं. इसके अलावा गोमती घाट, रुक्मिणी मंदिर और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग भी घूमने जा सकते हैं. दूसरे दिन बेट द्वारका जाने का प्लान बना सकते हैं. यहां समुद्र के खूबसूरत नजारे और धार्मिक महत्व वाली जगहें देखने को मिलेंगी.
ग्यारहवां दिन: पोरबंदर (Porbandar)
द्वारका से पोरबंदर पहुंचकर आप महात्मा गांधी के जन्मस्थान कीर्ति मंदिर घूम सकते हैं. इसके अलावा चौपाटी बीच और सुदामा मंदिर भी देखने लायक हैं. यहां आप समुद्र किनारे कुछ समय बिता सकते हैं और स्थानीय बाजारों में घूम सकते हैं.
बारहवां दिन: सोमनाथ (Somnath)
गुजरात के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में सोमनाथ मंदिर का नाम भी शामिल है. यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. समुद्र किनारे स्थित इस मंदिर की खूबसूरती देखते ही बनती है. यहां मंदिर में दर्शन करने के साथ सोमनाथ बीच और आसपास के पर्यटन स्थलों को भी देख सकते हैं. शाम के समय मंदिर में होने वाले लाइट एंड साउंड शो की जानकारी भी ले सकते हैं.
तेरहवां दिन: गिर नेशनल पार्क (Gir National Park)
अगर आपको जंगल और वन्यजीव देखना पसंद है तो गिर नेशनल पार्क जा सकते हैं. यह एशियाई शेरों का प्राकृतिक घर माना जाता है. यहां सफारी के दौरान शेरों के अलावा कई दूसरे वन्यजीव और पक्षी भी देखने को मिल सकते हैं. सफारी के लिए पहले से बुकिंग और पार्क के खुलने के समय की जानकारी जरूर लें.
चौदहवां और पंद्रहवां दिन: वडोदरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Vadodara and Statue of Unity)
गुजरात की यात्रा के आखिरी दो दिन वडोदरा और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के नाम रख सकते हैं. वडोदरा में लक्ष्मी विलास पैलेस और सयाजी बाग घूम सकते हैं. इसके बाद केवड़िया पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देख सकते हैं. यहां वैली ऑफ फ्लावर्स, सरदार सरोवर बांध और जंगल सफारी जैसे आकर्षण भी मौजूद हैं. इस तरह आप अपनी 15 दिनों की गुजरात यात्रा को यादगार बना सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्यान
गुजरात घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च तक का समय अच्छा माना जाता है. इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है. 15 दिनों की यात्रा के लिए होटल, ट्रेन और सफारी की बुकिंग पहले से कर लें. कच्छ के सफेद रण और धोलावीरा जाने के लिए परमिट से जुड़ी जानकारी पहले जुटा लें. गिर नेशनल पार्क और मरीन नेशनल पार्क की यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय नियमों की जानकारी जरूर लें. गुजरात के कई शहरों के बीच दूरी काफी ज्यादा है, इसलिए सफर के लिए पर्याप्त समय रखें.