दीपिंदर गोयल ने ही Zomato की शुरुआत की थी, फिर उन्होंने Blinkit की नींव रखी. इन दोनों की पैरेंट कंपनी Eternal Limited है. जो कि शेयर बाजार (Share Market) में लिस्टेड है, कंपनी का मार्केट कैप 2.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है.
इस कंपनी के संस्थापक और Group CEO दीपिंदर गोयल हैं. लेकिन अब उन्होंने Group CEO के पद से इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह Blinkit के CEO अलबिंदर ढींडसा को Eternal का नया Group CEO नियुक्त किया गया है. कंपनी ने एक्सचेंज को बताया कि ये बदलाव 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा.
क्यों दीपिंदर गोयल ने रिजाइन दिया?
कंपनी ने बताया कि अब दीपिंदर गोयल डेली रूटीन वाले कामों से हटकर नए प्लान पर काम करना चाहते हैं. हालांकि, वे कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं होंगे. बोर्ड और शेयरधारकों की मंजूरी के बाद गोयल Eternal के Vice Chairman की भूमिका में बने रहेंगे.
वहीं अलबिंदर ढींडसा का Eternal के नए Group CEO के रूप में चयन कंपनी के लिए अहम माना जा रहा है.उन्होंने Blinkit का तेजी से विस्तार किया और अब कंपनी उनके अनुभव को पूरे ग्रुप में लागू करने की योजना पर काम कर रही है.
दीपिंदर गोयल ने बताया कि इटरनल के Group CEO का पद छोड़ने का फैसला उनका निजी है. वो कुछ नया करना चाहते हैं, जहां प्लानिंग रिस्क भी है. इसलिए नई भूमिका के साथ एक सूचीबद्ध कंपनी के ग्रुप CEO पद पर बने रहना सही नहीं है, क्योंकि वहां शेयरहोल्डर्स, रेगुलेशन और तिमाही नतीजों का दबाव होता है. इसलिए उन्होंने अपना पद छोड़ा है.
कौन हैं दीपिंदर गोयल?
जोमैटो कंपनी के मालिक का नाम दीपिंदर गोयल है. इस कंपनी की शुरुआत साल 2008 में की गई थी. पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो दीपिंदर गोयल ने साल 2005 में अपनी ग्रेजुएशन Indian Institute of Technology (IIT) दिल्ली से मैथमैटिक्स और कम्प्यूटिंग विषय में पूरी की थी. IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने Bain & Company जैसी प्रमुख मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म में काम किया, जहां से उन्हें बिजनेस और इंडस्ट्री की गहरी समझ मिली, जिसने आगे चलकर Zomato स्टार्टअप शुरू करने में मदद की.
दीपिंदर गोयल भारत के सफल सेल्फ-मेड उद्यमियों में गिने जाते हैं. Forbes के अनुसार उनकी नेट वर्थ लगभग $1.6 बिलियन (करीब 13,000 करोड़ रुपये) है, जो मुख्य रूप से उनके Zomato/Eternal Limited में हिस्सेदारी और शेयर वैल्यू से आती है.
उन्होंने वर्ष 2008 में Zomato की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य रेस्टोरेंट मेन्यू और फूड जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना था. समय के साथ Zomato भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में एक बड़ा फूड-टेक ब्रांड बन गया. Zomato के तहत Blinkit के अधिग्रहण के बाद कंपनी ने क्विक-कॉमर्स सेगमेंट में भी मजबूत पकड़ बनाई.
दीपिंदर गोयल के पास कारों का बेहतरीन कलेक्शन भी है, जिनमें Ferrari Roma, Porsche 911 Turbo, Lamborghini Urus और Aston Martin DB12 शामिल हैं. दीपिंदर गोयल भारत के उन युवा उद्यमियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपेक्षाकृत कम उम्र में करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी.
दीपिंदर गोयल ने जब Zomato की शुरुआत की, तो राह बहुत कठिन थी. न तो उनके पास बड़ा निवेश था, न कोई टीम, न ही स्टार्टअप का अनुभव. वे खुद रेस्तरां जाकर मेन्यू के नाम जुटाए. उन्हें स्कैन करते और वेबसाइट पर अपलोड करते थे.
अलबिंदर ढींडसा के बारे में
अलबिंदर ढींडसा का नाम Blinkit की सक्सेस से जोड़कर देखा जाता है. अलबिंदर ढींडसा ने अपनी पढ़ाई IIT दिल्ली से की है, जहां से उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने Stanford University से MBA किया. पढ़ाई के बाद उन्होंने Unilever और Ritesh Agarwal की OYO जैसी कंपनियों में भी काम किया, जिससे उन्हें कंज्यूमर बिजनेस और ऑपरेशंस की गहरी समझ मिली.
साल 2013 में उन्होंने Grofers की शुरुआत की, जो बाद में Blinkit बना. शुरुआत में कंपनी को भारी घाटे और बिजनेस मॉडल की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लेकिन अलबिंदर घबराए नहीं, उन्होंने अपनी रणनीति बदली और कंपनी को तेज डिलीवरी, बेहतर सप्लाई-चेन और यूनिट इकनॉमिक्स पर केंद्रित किया, इसी का नतीजा रहा कि Blinkit भारत का एक मजबूत क्विक-कॉमर्स ब्रांड बनकर उभरा.