शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi), जिन्हें उस्मान हादी के नाम से जाना जाता था, एक बांग्लादेशी राजनेता और एक्टिविस्ट थे. वह राजनीतिक मंच इंकलाब मंच के संस्थापकों में से एक थे और उसके नेता के रूप में काम कर रहे थे. बांग्लादेश में जुलाई क्रांति के बाद, वह युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे, जो बांग्लादेश में भारतीय वर्चस्व के खिलाफ अपने सक्रिय राजनीतिक रुख, जुलाई शहीदों के अधिकारों की वकालत और अवामी लीग प्रतिबंध विरोध प्रदर्शनों में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते थे.
12 दिसंबर 2025 को, उन्हें ढाका के बिजोयनगर के बॉक्स कल्वरट इलाके में गोली मार दी गई, और 18 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.
उस्मान हादी का जन्म झालोकाठी जिले के नलछिटी उपजिला में एक मुस्लिम परिवार में हुआ था. उनके पिता एक मदरसा शिक्षक और स्थानीय इमाम थे. हादी छह भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. वह एक धार्मिक शैक्षिक माहौल में पले-बढ़े.
उन्होंने झालोकाठी एन एस कामिल मदरसा से अपनी उच्च माध्यमिक शिक्षा पूरी की, जहां उन्होंने आलिम परीक्षा पास की. बाद में उन्होंने 2010-2011 शैक्षणिक सत्र में ढाका विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में दाखिला लिया.
हादी ने सैफुर कोचिंग सेंटर में अंग्रेजी भाषा कोच के रूप में काम किया. बाद में वह ढाका के एक निजी विश्वविद्यालय, यूनिवर्सिटी ऑफ स्कॉलर्स में लेक्चरर के रूप में शामिल हो गए.
जुलाई क्रांति के दौरान, हादी ढाका के रामपुरा में रह रहे थे. उन्होंने स्थानीय संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लिया और रामपुरा क्षेत्र के समन्वयक के रूप में कार्य किया.
बांग्लादेश में शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की मौत के बाद वहां की स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. इस घटना के बाद बड़ी हिंसा फैल गई और कई इलाकों में दंगे भड़क गए. उस्मान हादी कौन था और उसकी मौत ने बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल को कैसे प्रभावित किया? देखें वीडियो.
बांग्लादेश में पिछले साल उठी चिंगारी अब ज्वालामुखी में बदल चुकी है, जिसमें अल्पसंख्यक हिंदुओं की हत्याओं से लेकर भारत विरोधी भावनाओं तक सब शामिल है. बांग्लादेश में हिंसक भीड़ ने एक हिंदू मजदूर की पीट-पीट कर हत्या कर दी, और पुलिस-सेना के सामने नाच-नाच कर जश्न मनाया. दूसरी तरफ, वहां अज्ञात लोगों ने छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या कर दी. जिसके बाद बांग्लादेश में हिंसा, आगजनी और बवाल फिर से शुरू हो गया. देखें ब्लैक एंड व्हाइट.
बांग्लादेश के छात्र नेता उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में बाइक सवार लोगों ने गोली मारी थी. उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए बाद में सिंगापुर ले जाया गया था, जहां उनकी गुरुवार रात मौत हो गई. हादी की मौत की खबर से बांग्लादेश उबल पड़ा.
अमेरिकी दूतावास ढाका की सुरक्षा चेतावनी से भारत सतर्क हो गया है. युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े प्रदर्शन की आशंका है, जो हिंसक हो सकते हैं. चटगांव में भारतीय उच्चायोग पर पत्थरबाजी हुई है. भारत अपने मिशनों को हाई अलर्ट पर रखते हुए स्थिति पर नजर बनाए हुए है.