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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई (SBI) भारत का एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है. इसका मुख्यालय मुंबई में स्थित है. बैंक की गतिविधियों में बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं शामिल हैं. एसबीआई का काम देश के विभिन्न हिस्सों में बैंक शाखाओं, एटीएम और डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित होता है.

एसबीआई का इतिहास करीब दो शताब्दियों पुराना है. इसकी शुरुआत 2 जून 1806 को बैंक ऑफ कलकत्ता की स्थापना से मानी जाती है. बाद में इसका नाम बैंक ऑफ बंगाल हुआ. बैंक ऑफ बंबई की स्थापना 1840 में और बैंक ऑफ मद्रास की स्थापना 1843 में हुई थी. ये तीनो बैंक प्रेसीडेंसी बैंक के नाम से जाने जाते थे.

27 जनवरी 1921 को बैंक ऑफ बंगाल, बैंक ऑफ बंबई और बैंक ऑफ मद्रास का विलय हुआ. इसके बाद बनी संस्था का नाम इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया रखा गया. यह एक संयुक्त स्टॉक कंपनी के रूप में काम करती थी. उस समय इसमें सरकार की प्रत्यक्ष हिस्सेदारी नही थी.

भारत की आजादी के बाद बैंकिंग व्यवस्था में बदलाव किए गए. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1955 के तहत भारतीय रिजर्व बैंक ने इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया में नियंत्रक हिस्सेदारी हासिल की. इसके बाद 1 जुलाई 1955 को इम्पीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कर दिया गया. वर्ष 2008 में भारत सरकार ने एसबीआई में भारतीय रिजर्व बैंक की हिस्सेदारी खरीद ली.

वर्ष 1959 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सब्सिडियरी बैंक एक्ट लागू किया गया. इसके तहत कई पूर्व रियासती बैंको को एसबीआई की सहायक संस्थाओ के रूप में शामिल किया गया. आगे चलकर एसबीआई ने अलग अलग चरणो में कई बैंको का अधिग्रहण और विलय किया. इनमें बैंक ऑफ बिहार, नेशनल बैंक ऑफ लाहौर, कृष्णाराम बलदेव बैंक और बैंक ऑफ कोचीन जैसे बैंक शामिल थे.

एसबीआई के साथ उसके सहयोगी बैंको के एकीकरण की प्रक्रिया बाद में तेज हुई. 2008 में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र का एसबीआई में विलय हुआ. इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का विलय भी किया गया. वर्ष 2017 में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला और स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का एसबीआई में विलय हुआ. भारतीय महिला बैंक को भी इसी प्रक्रिया के तहत एसबीआई में शामिल किया गया.

एसबीआई ने बीमा और निवेश के क्षेत्र में भी अलग संस्थाओ के साथ काम किया है. मार्च 2001 में एसबीआई ने बीएनपी पारिबा के साथ मिलकर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की शुरुआत की. बैंक ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओ और निजी इक्विटी से जुड़ी गतिविधियो में भी भागीदारी की.

7 अक्टूबर 2013 को अरुंधति भट्टाचार्य एसबीआई की चेयरपर्सन नियुक्त होने वाली पहली महिला बनी. वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत एसबीआई ने वित्तीय समावेशन से जुड़े अभियान में भाग लिया और बड़ी संख्या में नए बैंक खाते खोले.

मार्च 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देश पर हुए बचाव समझौते के तहत एसबीआई ने यस बैंक में 48.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी. बाद में इस हिस्सेदारी में बदलाव हुआ. 16 अगस्त 2022 को एसबीआई ने बेंगलुरु में स्टार्टअप के लिए एक समर्पित शाखा शुरू की.

वर्ष 2026 तक एसबीआई के ग्राहको की संख्या 50 करोड़ से अधिक बताई गई है. बैंक देश और विदेश में बैंकिंग सेवाओ का संचालन करता है. इसकी सेवाओ में जमा खाते, ऋण, भुगतान, डिजिटल बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाए शामिल हैं. एसबीआई का वर्तमान स्वरूप लंबे समय से चले आ रहे विलय, अधिग्रहण और बैंकिंग क्षेत्र के बदलावो का परिणाम है.

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