तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने फोन टैपिंग मामले में पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने जासूसी के दौरान अपनी सारी हदें पार कर दीं और फोन टैपिंग के जरिए न केवल विपक्षी नेताओं से लेकर आम लोगों की बातें भी सुनने का आरोप लगाया.
मुख्यमंत्री ने बुधवार को हैदराबाद में दिए बयान में कहा, 'क्या कोई पति-पत्नी के बीच फोन पर होने वाली बातचीत सुनता है? उन्होंने जजों, पत्रकारों, विपक्षी नेताओं या यहां तक कि फिल्म अभिनेताओं को भी नहीं बख्शा.'
सीएम ने दावा किया कि उन्होंने लोगों की हर बात सुनी और उनकी हर कॉल को ध्यान से सुना. उन्होंने ऐसा क्यों किया? वे किस तरह के लोग हैं? क्या वे सच में इंसान हैं?
रेवंत रेड्डी ने इस कृत्य पर हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या कोई सभ्य व्यक्ति पति और पत्नी के बीच की निजी बातचीत सुन सकता है. उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वे जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा करने वाले लोग किस तरह के हैं और क्या उन्हें इंसान भी कहा जा सकता है?.
उनके मुताबिक, लोगों की हर बात और उनकी हर कॉल पर नजर रखी जा रही थी, जो किसी भी नजरिए से जायज नहीं ठहराया जा सकता.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है. CM ने कहा कि हमारी पुलिस ने ऐसे लोगों, इन तथाकथित 'सन्यासियों' को नोटिस जारी किए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस मामले की पूरी जांच कराएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.