
Israeli-US military action against Iran. इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान पर हमला कर दिया. इसके बदले में ईरान ने भी खाड़ी देश में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाते हुए हमले कर जोरदार पलटवार किया है. इसी क्रम में बहरीन में मानेमा के पास US नेवी बेस क्षेत्र में इंटरसेप्शन मिसाइलों के निशान और धुआं उठता दिखे गया है. इस युद्ध में ईरान को यमन के हुती विद्रोहियों और लेबनान के हिजबुल्ला का समर्थन मिला है. जबकि इजरायल को अमेरिका का साथ मिल रहा है.
वहीं, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने अरबी मीडिया को बताया कि इजरायली एयर फोर्स ने 'इतिहास का सबसे बड़ा ऑफेंसिव ऑपरेशन' चलाया है. लगभग 200 फाइटर जेट्स ने ईरान के मिसाइल यूनिट्स और एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया. IDF का कहना है कि ऑपरेशन 'Roaring Lion' के तहत ईरानी हवाई क्षेत्र में बिना रुकावट काम जारी है.
ईरान ने कहा है कि वह अपनी रक्षा करेगा और लड़ता रहेगा. वहीं, इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि अगर अभी ईरान को नहीं रोका गया तो वह अजेय हो जाएगा. वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है.

ये घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताएं जारी हैं. गुरुवार को जिनेवा में दोनों पक्षों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई थी और आज नए दौर की बातचीत प्रस्तावित थी, लेकिन इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने इस कूटनीतिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान को 'बहुत कठिन' और 'बहुत खतरनाक' बताया था. अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को बढ़ते खतरे के मद्देनजर इजरायल से गैर-जरूरी दूतावास कर्मियों को हटाने की अनुमति दी थी.
इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले से जुड़ी हर बड़ी और ताजा अपडेट आपको सबसे पहले इसी लाइव ब्लॉग में मिलेगी. ग्राउंड जीरो पर हालात क्या हैं, किन ठिकानों को निशाना बनाया गया, दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएं क्या हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या प्रतिक्रिया सामने आ रही है - हर पहलू की जानकारी यहां लगातार अपडेट की जा रही है.
व्हाइट हाउस ने बताया कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन, कुवैत और तुर्की के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की. व्हाइट हाउस ने कहा कि चर्चा सुरक्षा संबंधी घटनाक्रम, क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोगी देशों के बीच समन्वय पर केंद्रित थी. राष्ट्रपति ने चल रहे राजनयिक प्रयासों पर भी विचार-विमर्श किया और घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर जोर दिया. व्हाइट हाउस ने बातचीत का विस्तृत विवरण नहीं दिया, लेकिन इसे रचनात्मक बताया.
US-Israel Strikes News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हमे लगाता है कि ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने की खबरें सही हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता की मृत्यु की खबरों के संदर्भ में ट्रंप ने एनबीसी न्यूज़ को बताया, 'हमें लगता है कि ये खबर सही है. जब तक मैं खुद देख नहीं लेता, तब तक मैं कुछ भी निश्चित रूप से नहीं कहना चाहता, लेकिन हमें विश्वास है कि उनकी मृत्यु हो चुकी है. और उनके कई नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं.'
खामेनेई के उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने एनबीसी को बताया, 'मुझे नहीं पता, लेकिन किसी दिन वह मुझे फोन करके पूछेंगे कि मैं किसे पसंद करूंगा... मैं ये बात थोड़ी व्यंग्यपूर्ण ढंग से कह रहा हूं.'
ट्रंप ने एबीसी को भी बताया कि उन्हें विश्वास है कि खामेनेई की मौत हो चुकी है.
आईडीएफ ने बताया कि ईरान ने शनिवार देर रात को इजरायल की ओर कई और मिसाइलें दागीं हैं, जिसके कारण कई इलाकों में सायरनों की आवाज सुनाई दे रही. इस बारे में इजरायली सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है.
आईडीएफ के अनुसार, ईरान ने शनिवार देर रात इजरायल की ओर मिसाइलों की एक और वेव दागी. इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने एक्स पर जारी एक अलर्ट में कहा, 'ईरान से मिसाइल दागे जाने के कारण इजरायल के कई इलाकों में सायरन बज रहे हैं.'

यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि आज दोपहर उन्होंने साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स, इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर से मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बातचीत की. वॉन डेर लेयेन ने अपने बयान में जोर दिया कि यूरोपीय संघ क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा, 'हम क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा निर्दोष नागरिकों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं.'
उन्होंने ईरानी लोगों के प्रति मजबूत समर्थन व्यक्त किया और कहा, 'मैं ईरानी लोगों के अपने भविष्य को स्वयं तय करने के अधिकार का दृढ़ता से समर्थन करती हूं.'
ईरानी सरकार ने इजरायली पीएम नेतन्याहू के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के मारे जाने की संभावनाएं जताई थीं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, ईरान के सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति स्थिति को संभाल रहे हैं और वह बिल्कुल सुरक्षित हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि ईरान में प्रबंधन पूरी तरह से सही दिशा पर है.
सीरिया की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, एक ईरानी मिसाइल सीरिया में एक बिल्डिंग पर गिरी है, जिससे चार लोगों की मौत हो गई है.
इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को मिलकर ईरान पर हमला कर दिया. बदले में ईरान भी खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है. ईरान ने कहा है कि वह अपनी रक्षा करेगा और लड़ता रहेगा. वहीं इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि अगर अभी ईरान को नहीं रोका गया तो वह अजेय हो जाएगा. वर्तमान में मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है. ईरान पर शनिवार को हुए हमले और पल-पल के अपडेट्स यहां पढ़ें...
Israel Strikes Iran: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मीडिया को बताया कि हमने खामेनेई के परिसर को नष्ट कर दिया है. उन्होंने कहा कि हमने अपने ऑपरेशन में रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडरों और वरिष्ठ परमाणु अधिकारियों को मार दिया है. उन्होंने ये भी दावा किया कि ऐसे कई संकेत है जो बता रहे हैं कि खामेनेई अब नहीं रहे.
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में, 'हम आतंकी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे. इजरायल ईरानी जनता के लिए ऐसे हालात पैदा करेगा, जिससे वह तानाशाही की बेड़ियों से मुक्त हो सकें.'
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान जब तक आवश्यक होगा तब तक जारी रहेगा. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके 'ऐतिहासिक नेतृत्व' के लिए धन्यवाद दिया.
नेतन्याहू ने कहा, 'वह एक ऐसे नेता हैं जो अपने वादे निभाते हैं.'
प्रधानमंत्री ने कहा कि ये अभियान 'शांति, सच्ची शांति' की ओर ले जाएगा. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने युद्ध इसलिए छेड़ा, ताकि उस स्थिति को मौलिक रूप से बदला जा सके, जिसमें ईरान परमाणु हथियार बनाने की राह पर था, जिससे वह अपने पड़ोसियों के खिलाफ अपनी धमकियों को काफी हद तक बढ़ा सकता था.
वहीं, IDF का कहना है कि ईरानी शासन का खतरा न केवल इजराइल के लिए खतरा है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है.
ईरानी मीडिया ने ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी के हवाले से बताया है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों में 24 प्रांत प्रभावित हुए हैं. इन हमलों में 201 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 747 लोग घायल हुए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है और राहत-बचाव कार्य जारी है.
Iran News Today: इजरायल में भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह वहां फंसे सभी भारतीयों के संपर्क में है और दोबारा एडवाइजरी जारी की गई है. दूतावास ने बताया कि जैसे ही मौका मिलेगा और हालात अनुकूल होंगे, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए मिस्र या जॉर्डन के रास्ते बाहर ले जाने की योजना बनाई जाएगी, जो भी मार्ग अधिक सुरक्षित होगा. फिलहाल सड़क मार्ग से यात्रा के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है, इसलिए सभी से अपील की गई है कि वे जारी एडवाइजरी और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
US Iran War: सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर कहा है कि हवाई क्षेत्र बंद होने या उड़ानों के रद्द होने के कारण जिन भारतीय यात्रियों को यात्रा में परेशानी हो रही है, वे दूतावास के 24x7 हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं. दूतावास ने बताया कि विभिन्न भारतीय एयरलाइंस ने आश्वासन दिया है कि फंसे हुए भारतीय यात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही यात्रियों से अपील की गई है कि वे ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस द्वारा जारी आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें.