गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) असम से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Congress) के एक राजनीतिज्ञ हैं. वह 2020 से लोकसभा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपनेता के रूप में कार्यरत हैं. वह 2014 से लोकसभा में कलियाबोर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. वह असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) के बेटे हैं (Gaurav Gogoi Father).
गौरव गोगोई का जन्म 4 सितंबर 1982 को असम में हुआ था (Gaurav Gogoi Born). उनके पिता तरुण गोगोई का 23 नवंबर 2020 को निधन हो गया था. उन्होने 2001 से 2016 तक असम के मुख्यमंत्री के रूप में राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया.
मार्च 2014 में कांग्रेस पार्टी ने गोगोई को कालियाबोर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया. घोषणा के बाद, गोगोई ने 19 मार्च 2014 को अपना नामांकन दाखिल किया. उन्होंने अपना पहला चुनाव कुल 4,43,315 वोटों के साथ जीता और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, भाजपा के मृणाल कुमार सैकिया को 93,000 से अधिक वोटों से हराया (Gaurav Gogoi Political Career).
असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी है. पार्टी ने सात सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं, जबकि 11 महत्वपूर्ण सीटें अपने गठबंधन सहयोगी 'रायजोर दल' के लिए छोड़ दी हैं. इस सूची में जालुकबारी और टीटाबोर जैसी हाई-प्रोफाइल सीटें शामिल हैं.
असम कांग्रेस के भीतर का असंतोष चुनाव से पहले भारी पड़ रहा है. महीने भर से नाराज नेता कांग्रेस छोड़ते जा रहे हैं, और वे बीजेपी में शामिल हो चुके हैं - और ये सब तब हो रहा है, जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी असम चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रही हैं.
कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए तीसरी लिस्ट जारी कर 22 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है. उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के एक बयान में कहा गया है कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आगामी असम चुनावों के लिए उम्मीदवारों का चयन कर लिया है.
असम कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रद्युत बोरदोलोई और पूर्व पीसीसी अध्यक्ष भूपेन बोरा ने आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है.
असम विधानसभा चुनाव से कांग्रेस को बड़े बड़े झटके लग रहे हैं. ताजा झटका दिया है नागांव सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने, भूपेन बोरा की तरह उनको भी मनाने की कांग्रेस नेताओं की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं - प्रद्युत बोरदोलोई के निशाने पर भी असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ही हैं.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पंचायत असम के मंच पर आजतक से बातचीत में चुनाव और उससे जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपना मत व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि चुनाव में ओवर कॉन्फिडेंस नहीं होना चाहिए और आखिरी वोट पड़ने तक किसी नतीजे पर फाइनल फैसला नहीं देना चाहिए. इस बीच जब CM से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान जाना गुनाह है तो सीएम ने कहा कि मेरे लिए ये बहुत बड़ा गुनाह है. अगर पाकिस्तान जाना गुनाह नहीं तो कहां जाना गुनाह है.
भारत की विदेश नीति पर सवाल उठता है कि हमारी गरिमा और विश्व गुरु का दर्जा कहाँ चला गया. कभी भारत की 56 इंच की छाती के साथ एक स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी और नॉन अलाइनमेंट की नीति थी. भारत के पास संघ राष्ट्रों में सबसे बड़ी पीस कीपिंग फोर्स थी जो एक प्रकार की पीस पुलिस की तरह काम करती थी.
गौरव गोगोई का कहना है कि जब सदन में माइक नहीं मिलता और ही लोग बोलने के लिए माइक नहीं देते, तब कैसे डिस एलो की स्थिति बनती है, यह समझना जरूरी है. देश को यह जानना चाहिए कि हमारे लोकतंत्र का संचालन किस प्रकार हो रहा है और सदन के नियमों का किस प्रकार उल्लंघन किया जा रहा है.
भविष्य में जब पार्लियामेंट के रिकॉर्ड्स और ट्रांसक्रिप्ट्स का शोध होगा तो यह पाया जाएगा कि विपक्ष के सदस्य जब बोलते थे तब सबसे अधिक इंटरप्शन करने वाले पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री किरण रिजिजू थे. यह तथ्य उनके एक्टिव और विवादास्पद संसदीय व्यवहार को दर्शाता है. यह शोध पार्लियामेंट में संवाद और बहस के दौरान होने वाली बातचीत और प्रक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.
यह रेजोल्यूशन किसी भी विशिष्ट व्यक्ति के खिलाफ नहीं है और इस बात से हम दुखी भी हैं. इस रेजोल्यूशन को लाते समय हमें कोई खुशी या उल्लास महसूस नहीं हो रहा है क्योंकि यह स्थिति व्यक्तिगत नहीं है. आदरणीय ओम बिड़ला जी का सभी के साथ व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं. इस घोषणा का उद्देश्य किसी को व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करना नहीं है, बल्कि एक गंभीर विषय पर विचार करना है.
देश को यह समझना चाहिए कि संसद सदन कैसे काम कर रहा है. सदन के अंदर माइक अब एक हथियार की तरह बन चुका है. सत्ता पक्ष को माइक की सुविधा आसानी से मिलती है जबकि विपक्ष विशेषकर लोप को बोलने का मौका नहीं मिलता. यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है क्योंकि सभी पक्षों को समान रूप से आवाज़ देने का अधिकार मिलना चाहिए.
गौरव गोगोई का कहना है कि हम क्या कहना चाहते हैं कि हमारे बातों को कोई तवज्जो नहीं मिलती या हमारे सदन के अंदर हमें वह अधिकार नहीं मिलता. हाल ही में कल का उदाहरण लें कि हाउस किस प्रकार चल रहा है. हमने बार बार मांग की कि मिडल ईस्ट में एक युद्ध हुआ है और एक पड़ोसी देश ने घोषणा की है कि उसने भारत को 30 दिन के लिए अन्य देशों से तेल निर्यात करने की अनुमति दी है.
गौरव गोगोई का कहना है कि आज हम चर्चा करेंगे कि किस प्रकार के दबाव पर भारत ने अमेरिका के साथ एक ऐसा व्यापार समझौता किया, जिसने हमारे किसानों को नुकसान पहुंचाया. यह जानना जरूरी है कि इस दबाव के पीछे कौन था। क्या कोई खास उद्योगपति इस मामले में शामिल था या फिर एक खास मंत्री का नाम इन्वेस्टिगेशन में सामने आया.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने स्पष्ट किया कि यह अविश्वास प्रस्ताव किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं है. यह प्रस्ताव लाना उनकी खुशी का कारण नहीं है, बल्कि मजबूरी है. गोगोई ने कहा कि ओम बिरला के साथ सदस्यों के व्यक्तिगत संबंध अच्छे हैं, लेकिन संविधान और सदन की मर्यादा की रक्षा के लिए यह कदम उठाना पड़ा. सुनें पूरा भाषण.
कांग्रेस ने असम चुनाव के लिए 42 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. गौरव गोगोई जोरहाट से चुनाव लड़ेंगे. असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है.
असम कांग्रेस में मचे बवाल के बीच धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन विवादों के केंद्र में हैं. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने के पीछे भूपेन बोरा ने रकीबुल हुसैन को ही जिम्मेदार ठहराया है. भूपेन बोरा का आरोप है कि रकीबुल हुसैन असम कांग्रेस को अपनी पार्टी की तरह चला रहे हैं.
असम की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा ने अपमान और धोखे का आरोप लगाते हुए कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. इसके जवाब में गौरव गोगोई ने इसे बीजेपी में शामिल होने के लिए पहले से तैयार की गई स्क्रिप्ट करार दिया है.
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हैं, जिनकी संगठन पर मजबूत पकड़ है. एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह बेहद चतुर रणनीतिकार हैं. जमीनी नेटवर्क मजबूत है और हमारी कमजोर सीटों पर खास नजर है. इसलिए जमीनी मुकाबले के लिए पूरी तैयारी करनी होगी.
असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफे और फिर उस पर मचे घमासान ने पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम की महिलाओं को इंसाफ मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर पुलिस उचित कार्रवाई नहीं करती है जिसे लेकर समाज में सवाल खड़े हो रहे हैं. महिलाओं को न्याय न मिलने की समस्या गंभीर है. साथ ही, राज्य में शराब की दुकानें तेजी से खुल रही हैं.
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने असम शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में नीचे के पांच राज्यों में से एक है. जब बच्चों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलती हैं, तो उनका समग्र विकास प्रभावित होता है. इसके साथ ही महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है.