असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा सांसद गौरव गोगोई के कथित ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ से जुड़ी एसआईटी की रिपोर्ट पर 7 फरवरी को राज्य कैबिनेट में औपचारिक चर्चा की जाएगी. इस बैठक में रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा.
कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एसआईटी रिपोर्ट पर अनौपचारिक चर्चा हुई, जिसमें टीम ने मंत्रियों के सामने एक प्रेजेंटेशन दिया. उन्होंने दावा किया कि इस प्रेजेंटेशन के बाद कई मंत्री रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों को जानकर हैरान रह गए.
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “आज की कैबिनेट बैठक में एसआईटी रिपोर्ट पर अनौपचारिक चर्चा हुई. प्रेजेंटेशन के बाद सभी मंत्री सच्चाई जानकर चौंक गए. कुछ मंत्रियों ने तो यह तक कहा कि तरुण गोगोई का बेटा ऐसा कैसे हो सकता है.”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एसआईटी की जांच में गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी के पाकिस्तान से सीधे संबंध सामने आए हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में कुछ संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां हैं, जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. कैबिनेट ने इस पूरे मामले पर 7 फरवरी को एक औपचारिक ज्ञापन (मेमोरेंडम) लाकर चर्चा करने और आगे की रणनीति तय करने का फैसला किया है. इसके साथ ही कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को एसआईटी की जांच से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखने के लिए अधिकृत भी किया है.
उन्होंने कहा, “कैबिनेट ने मुझे अधिकृत किया है कि एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों को, जहां तक संभव हो, जनता के सामने रखा जाए. कुछ गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां साझा नहीं की जा सकेंगी, लेकिन अधिकतर तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे.”
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 8 फरवरी को एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें एसआईटी की रिपोर्ट के अधिकांश निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाएगा.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और भारतीय जनता पार्टी लगातार कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर उनकी पत्नी के कथित पाकिस्तान कनेक्शन को लेकर हमलावर हैं. भाजपा का आरोप है कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिज़ाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) से जुड़े लोगों से संबंध रहे हैं.
इस पूरे मामले की जांच के लिए असम पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था. एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के कथित हस्तक्षेप की भी जांच की, जिस पर आरोप है कि उसके भारत के आंतरिक मामलों में दखल के प्रयास थे और उसके संबंध एलिज़ाबेथ कोलबर्न से बताए गए हैं.
हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मामले में पहले भी आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया गया है, लेकिन मुख्यमंत्री के ताजा बयान और आगामी कैबिनेट बैठक के ऐलान के बाद असम की राजनीति में यह मुद्दा और तेज होने के आसार हैं.