उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित लहुरियादह गांव में कक्षा 8 तक के निर्माणाधीन विद्यालय का काम वन विभाग की आपत्ति के बाद रोक दिया गया है. वन विभाग की टीम और डीएफओ ने निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण कर इसे अपनी भूमि बताया. इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा शुरू कराए गए निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया है. यह वही लहुरियादह गांव है, जिसको लेकर पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा करते समय वीडियो जारी कर सवाल उठाए थे. वीडियो के बाद आनन-फानन में जमीन आवंटित कर काम शुरू कराया गया था, जो अब अधर में लटक गया है.
पूर्व IAS के वीडियो के बाद शुरू हुआ था काम
राजनीति में आने का ऐलान करने वाली पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने लहुरियादह गांव में विद्यालय का निर्माण न होने पर प्रशासनिक सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए थे. दिव्या मित्तल के इस बयान के बाद महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में शिक्षा विभाग ने जमीन आवंटित कर कक्षा 8 तक के विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू कराया था.
लेबर-मिस्त्री को किया मना, काम पूरी तरह ठप्प
निर्माणाधीन स्थल पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने काम कर रहे मजदूरों और मिस्त्रियों को आगे निर्माण करने से मना कर दिया. गांव के रामफल, हरिलाल और नरेश ने बताया कि वन विभाग की टीम ने आकर काम बंद करवा दिया है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बनने से बच्चों का भविष्य बेहतर होता, लेकिन अचानक काम रुकने से वे बेहद निराश हैं.
डीएफओ बोले- प्रथम दृष्टया जमीन वन विभाग की
मामले की जानकारी देते हुए वन विभाग के डीएफओ राकेश कुमार ने बताया कि यह जमीन वन विभाग के अंतर्गत आती है. फिलहाल निर्माण कार्य को पूरी तरह रुकवा दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस जमीन के रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है, लेकिन प्रथम दृष्टया यह जमीन वन विभाग की ही पाई गई है.