उत्तर प्रदेश के बहराइच में जिला प्रशासन ने शनिवार को महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में अवैध रूप से बनी दस मजारों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ की गई.
सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद के अनुसार मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने डीएम और एसपी को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि कॉलेज परिसर में स्थित मजारों के संबंध में पहले भी कई स्तरों पर सुनवाई हो चुकी है और इन्हें हटाने के स्पष्ट आदेश दिए जा चुके हैं, इसके बावजूद इन्हें नहीं हटाया जा रहा है. इसी आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई की.
20 साल पुराने आदेशों के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत बहराइच-लखनऊ मार्ग पर सड़क किनारे सदियों पुराना रसूल शाह बासवाड़ी का आस्ताना स्थित है. इसमें राहुल शाह की मुख्य मजार बनी हुई है जहां मुस्लिम समाज के लोग जियारत करते रहे हैं.
साल 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने इन मजारों को अवैध घोषित करते हुए इन्हें हटाने का आदेश दिया था. इसके बाद संचालन समिति ने डीएम बहराइच के समक्ष अपील दायर की, लेकिन साल 2004 में डीएम ने नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को सही मानते हुए अपील खारिज कर दी. इसके बावजूद मजारें नहीं हटाई गईं.
सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज कैंपस हुआ खाली
करीब पंद्रह साल बाद 2019 में समिति ने कमिश्नर के समक्ष डीएम के आदेश के खिलाफ अपील की, लेकिन कमिश्नर ने भी अपील को खारिज कर दिया. इसके बावजूद मजारों को नहीं हटाया गया. 2023 में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई, जिसके बाद सड़क किनारे स्थित मजार मेडिकल कॉलेज परिसर के भीतर आ गया. इसके बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से बार-बार प्रशासन को अवगत कराया गया कि अपील खारिज होने के बावजूद अवैध मजारें परिसर से नहीं हटाई जा रही हैं.
नगर मजिस्ट्रेट के अनुसार बीते 10 जनवरी को संचालन समिति को 17 जनवरी तक मजारें हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था. समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब मजारें नहीं हटाई गईं, तो प्रशासन ने आज इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई की.