आकाश आनंद (Akash Anand), बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती (Mayawati) के भतीजे हैं जिन्हें 10 दिसंबर 2023 को अपना उत्तराधिकारी नामित किया गया था. मार्च 2025 में मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया. वह 2022 से राजस्थान में पार्टी के मामलों के प्रभारी रहे. वह बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक के आधिकारिक पद पर भी थे. आकाश आनंद ने पार्टी की 14 दिवसीय 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय संकल्प यात्रा' का भी नेतृत्व किया था.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर अपने समधी अशोक सिद्धार्थ पर एक्शन लेते हुए उन्हें बसपा से बाहर निकाल दिया है. इससे पहले मायावती ने पहले अशोक से दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का प्रभार वापस लिया.
क्या BSP अब Gen Z की पार्टी बनने की कोशिश कर रही है? 31 साल के आकाश आनंद एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी के सबसे बड़े चेहरे के रूप में वापसी कर रहे हैं। कभी मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया, फिर पार्टी से बाहर कर दिया और अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें दोबारा बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर सियासी तपिश के बीच बसपा प्रमुख मायावती अपने भतीजे आकाश आनंद को यूपी की सियासत में फिर से उतारने का प्लान बनाया है. आकाश आनंद हाथरस से मिशन-2027 का आगाज करेंगे, लेकिन सवाल है कि क्या बसपा को सियासी संजीवनी दे पाएंगे?
बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद क्षेत्र में चुनावी सभा के साथ यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के बसपा अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. इस कार्यक्रम के दौरान आकाश आनंद सादाबाद सीट से बसपा उम्मीदवार अविन शर्मा के नाम का एलान कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बसपा प्रमुख मायावती एक्टिव हो गई हैं. बसपा संगठन में कई बड़े बदलाव के बाद उन्होंने लखनऊ में एक बड़ी बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में आकाश आनंद को मिशन-यूपी को धार देने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
बसपा के लिए 2027 का चुनाव सियासी वजूद को बचाए रखने का है, लेकिन दूसरे दलों के नेताओं की बसपा में इनकमिंग हो नहीं रही है और आउटगोइंग लगातार जारी है. मायावती के राजनीतिक पॉलिसी से 2027 में बसपा का क्या होगा?
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को सियासी धार देने में बसपा प्रमुख मायावती जुट गई हैं. मायावती इस बार बसपा के उम्मीदवारों का चयन करने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का आकलन कर रही है, जिसके लिए बूथ स्तर की रिपोर्ट की समीक्षा कर रही हैं.
कांशीराम जयंती के मौके पर राजस्थान के भरतपुर में बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ा पलटवार किया है. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी द्वारा कांशीराम के लिए 'भारत रत्न' की मांग को चुनावी स्टंट बताया.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने में भले ही अभी डेढ़ साल का समय बाकी हो, लेकिन बसपा सुप्रीमो मायावती ने गुरुवार को शक्ति प्रदर्शन कर अपने तेवर दिखा दिए. मायावती ने 2007 जैसा सियासी समीकरण बनाकर 2027 की जंग जीतने की बुनियाद रख दी है.
रविवार को लखनऊ में बीएसपी प्रमुख मायावती ने बड़ी बैठक की. बताया जा रहा है कि बीएसपी प्रमुख की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में बसपा के संगठन को मजबूत करना और नए सिरे से रणनीति बनाना है.
बसपा एक बार फिर 2007 के सोशल इंजीनियरिंग मॉडल पर फोकस कर रही है, जिसकी मदद से उसने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी. इसके तहत, भाईचारा कमेटियों में दलित, मुस्लिम, ओबीसी और सवर्ण समाज के लोगों को बड़े पैमाने पर जोड़ा जा रहा है.
लखनऊ रैली में मायावती की बातें तो यही इशारा करती हैं बिहार चुनाव में भी बीएसपी की रणनीति बीजेपी को फायदा पहुंचा सकती है. बीएसपी नेता आकाश आनंद बिहार चुनाव में मायावती की बातों को ही आगे बढ़ाएंगे - जो जाहिर तौर पर बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती हैं.
बसपा प्रमुख मायावती ने लखनऊ की मेगा रैली में योगी सरकार का आभार प्रकट किया और सपा-कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. मायावती ने इस रैली में सपा से सावधान रहने की जरूरत बताई.
बसपा के चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद कैमूर से वैशाली तक, सर्वजन हिताय यात्रा पर निकले हैं. बिहार की यात्रा पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री के पीछे रामगढ़ उपचुनाव नतीजों का उत्साह है या सियासी मजबूरी?
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने बिहार में 'सर्वजन हिताय यात्रा' शुरू की है, जो 13 जिलों से होकर गुज़रेगी. बसपा यूपी की तरह बिहार में सियासी असर नहीं दिखा सकी, लेकिन उसका खाता खुलता रहा है. इस बार सभी की नज़र दलित वोटों पर है. ऐसे में आकाश क्या बसपा की सियासी ज़मीन बचाकर रख पाएंगे?
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी को हरी झंडी दिखा दी है. अशोक ने सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने गलतियों से सीख ली है और अब पूरी निष्ठा से पार्टी में काम करेंगे. मायावती ने उनके पछतावे को देखते हुए उन्हें दोबारा BSP में शामिल कर लिया है.
बसपा को दोबारा से सियासी संजीवनी देने के लिए मायावती ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है. आकाश आनंद का सियासी कद बढ़ाने के साथ-साथ छह राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर बना दिए हैं और विश्वनाथ पाल पर अपना भरोसा कायम रखा है, लेकिन रामजी गौतम के सियासी पर जरूर कतर दिए हैं?
मायावती का चंद्रशेखर आजाद पर यह अब तक का सबसे बड़ा सियासी हमला है. उन्होंने लिखा कि भाजपा, सपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के इशारों पर कोई निजी स्वार्थ में विधायक सांसद भले बन जाए लेकिन इससे उस समाज का भला नहीं होने वाला.
आरजेडी से निकाले जा चुके तेज प्रताप यादव ने परिवार की खुशी में हिस्सा लेकर संकेत दिया है कि रिश्तों की डोर अभी पूरी तरह नहीं टूटी है. तेज प्रताप यादव जिंदगी के जिस मोड़ पर पहुंचे हैं, कई बार लड़खड़ाने के बाद आकाश आनंद उससे काफी आगे निकल चुके हैं - क्या तेज प्रताप को भी माफी मिल पाएगी?
आकाश आनंद की बीएसपी में वापसी मायावती के भरोसे का मजबूत इशारा है, लेकिन नई जिम्मेदारी उनके लिए अग्नि परीक्षा भी है. मायावती ने आकाश आनंद को बीएसपी के भविष्य की उम्मीदों के साथ जोड़ा है. सवाल अब भी यही है कि क्या आकाश आनंद परमानेंट हो गये हैं या प्रोबेशन पर ही हैं?
मायावती ने न सिर्फ आकाश आनंद को नंबर 2 बना दिया बल्कि बाकी तीनों नेशनल कोऑर्डिनेटर भी अब उन्हें रिपोर्ट भी करेंगे. रामजीलाल सुमन, राजाराम और रणधीर बेनीवाल इन सबों के ऊपर आकाश आनंद लाए गए हैं.